फोटो- शहर में ऐसी कई प्रमुख सड़कें हैं, जहां पार्किंग हैं इसके बावजूद ट्रैफिक अव्यवस्थित रहता है।
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने सोमवार काे घर के बाहर सड़कों पर कार आदि चारपहिया वाहन पार्क करने के मामले में सुनवाई की। उन्होंने आरटीओ को नगर निगम के सर्वे के आधार पर वाहन मालिकों को नोटिस देने के आदेश दिए। मामले में अगली सुनवाई एक महीने बाद होगी। जस्टिस व्यास ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए घरों के बाहर सड़कों पर व गलियों में और नो पार्किंग जोन में चारपहिया वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ नगर निगम को सर्वे करने के निर्देश दिए थे।
इस मामले में सुनवाई के दौरान निगम की ओर से बताया गया कि वार्डवार सर्वे कर सूची तैयार कर ली गई है। शहर के विभिन्न वार्डों में फिलहाल 400 वाहन चिन्हित किए गए हैं, जो सड़क पर पार्क किए जा रहे हैं। अदालत ने निगम को यह सूची आरटीओ को देने और आरटीओ को चिन्हित वाहनों के मालिकों के नाम-पते ढूंढ़ कर इन्हें नोटिस जारी करने के आदेश दिए। नोटिस का जवाब देने और पार्किंग की व्यवस्था के लिए समय दिया जाएगा। इसके बाद भी जवाब नहीं देने और पार्किंग व्यवस्था नहीं करने वाले वाहन मालिकों की सूची पुलिस को दी जाएगी।
सुनवाई के दाैरान निगम की ओर से विधि अधिकारी सिद्धार्थ चारण और आरटीओ की ओर से विधि अधिकारी प्रतापसिंह राठौड़ उपस्थित थे। गौरतलब है कि परिवहन विभाग ने मार्च 2012 में राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर वाहन रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार से पार्किंग स्थल का शपथ पत्र लेने की अनिवार्यता लागू की थी। विभाग ने हाल में 5 सितंबर से नई कार सहित चार पहिया वाहन खरीदने पर कार मालिक को रजिस्ट्रेशन के समय निजी पार्किंग स्थल की रंगीन फोटो संलग्न करने की व्यवस्था लागू की है। इसके साथ ही कार मालिक को, जिस डीलर से कार खरीदी है, उससे इसका भौतिक सत्यापन करवाने के निर्देश जारी किए।