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हाईकोर्ट की फटकार के बाद खुली सुकून की राह

8 वर्ष पहले
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जनहित कार्यो में बाधा नहीं बनने को कहा तो डीआरएम हुए ब्रिज निर्माण पर राजी
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बनवाए जा रहे दो रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) और एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का काम डीआरएम के अड़ियल रवैये के कारण रुक गया था। हाईकोर्ट ने न्यायमित्रों की शिकायत पर उन्हें फटकार लगाई तो बुधवार को रेलवे और जेडीए के बीच समझौता हो गया। जेडीए गुरुवार को तीनों जगह फिर से काम शुरू कर सकेगा। रेलवे तीनों जगह जमीन के बदले करीब 14 करोड़ रुपए मांग रहा था। अब मुख्य सचिव और उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक बैठ कर यह राशि तय करेंगे, लेकिन डीआरएम ने कह दिया है कि जेडीए अपनी ड्राइंग रेलवे को दे दे। रेलवे उसे सहयोग करेगा।
एमडीएमएच में संभागीय आयुक्त की देखरेख में साफ-सफाई और रंग-रोगन
संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल मथुरादास माथुर अस्पताल अब साफ-सुथरा नजर आएगा। हाईकोर्ट के दखल के बाद वहां सफाई और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन जोर-शोर से जुटे हुए हैं। इस संबंध में गुरुवार को हाईकोर्ट में रिपोर्ट भी पेश की जानी है। हाईकोर्ट की ओर से गठित कमेटी के अस्पताल का दौरा करने के बाद वहां काफी काम हुआ है। बुधवार को संभागीय आयुक्त हेमंत गेरा और कलेक्टर गौरव गोयल ने अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाएं जांची। बुधवार को ही अस्पताल की दीवार तोड़ कर बनाए गए तीन रास्ते भी बंद किए गए। कचरा हटाने का काम भी शुरू हो गया।