पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

प्याज की आड़ में भारत ने बना लिया था दुनिया का सबसे धांसू बम !

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बिहार और उत्तर प्रदेश समेत ग्रामीण भारत के विभिन्न इलाकों में लोग बुखार और लू के इलाज के लिए प्याज का इस्तेमाल करते हैं लेकिन करीब डेढ़ दशक पहले केंद्र की तत्कालीन एनडीए सरकार ने राजस्थान में पोखरण परमाणु परीक्षण की रेडियो धर्मिता (विकिरण) को दबाने के लिए इसका इस्तेमाल किया था। ऐसा माना जाता है कि इसी वजह से साल 1999 में प्याज की कीमतें बढ़ गई थीं और देश में उबाल पैदा हो गया था।
गौरतलब है कि बीजेपी की अगुआई वाली केंद्र की तत्कालीन एनडीए सरकार ने मई, 1998 में राजस्थान के पोखरण में देश का दूसरा परमाणु परीक्षण किया था। इसके बाद से ही देश में प्याज की कीमतें बढ़ने लगी थीं। साल 1999 में प्याज की कीमतों ने देश में उबाल पैदा कर दिया। देश के विभिन्न इलाकों में इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन होने लगे थे।
ऐसा कहा जाता है कि एनडीए सरकार ने पोखरण परमाणु परीक्षण की रेडियो धर्मिता (विकिरण) को दबाने के लिए परमाणु परीक्षण वाले स्थानों पर कई टन प्याज दफन कर दिए थे। इससे देश में प्याज की कमी हो गई थी और बाजार में इसकी कीमतें आसमान छूने लगी थीं। देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य भारतीय शहरों में उस समय प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था। हालांकि पोखरण में परमाणु परीक्षण वाले स्थानों पर हजारों टन प्याज के दफन किए जाने के सुबूत अभी तक सामने नहीं आ पाए हैं।
आगे की स्लाइडों में जानिए...पोखरण परमाणु परीक्षण से जुड़े अद्भुत रहस्यः