जोधपुर। हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने गुरुवार को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक ओमेंद्र भारद्वाज से कहा कि पुलिस केवल कॉल डिटेल पर निर्भर नहीं रहकर अपने मुखबिरी सिस्टम को भी सुदृढ़ करे। जब
मोबाइल नहीं थे, तब भी पुलिस ने बड़े से बड़े अपराधों का खुलासा मुखबिरी के आधार पर किया है।
बीकानेर जिले के पलाना गांव निवासी जगदीश चंद्र जाट की ओर से उसकी बहन के गायब होने पर दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश व्यास ने कहा कि संसाधनों की कमी हो तो उसे सरकार से प्राप्त किए जाएं।
अब तक
विवाहिता का सुराग नहीं लगने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। पुलिस महानिदेशक ने अपने जवाब में बताया कि इस मामले में पुलिस नतीजे के काफी नजदीक पहुंच गई है। कॉल डिटेल को भी फॉलो कर उसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि अपने मुखबिरी सिस्टम को सुदृढ़ करें, इससे पुलिस को ही फायदा होगा तथा अपराधों का सुराग भी जल्दी लगेगा।