पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजोधपुर. शहर में घर-घर कचरा संग्रहण का काम करने में विफल रही ठेका कंपनी रामकी ने नगर निगम के साथ करीब सवा साल पहले हुए अनुबंध को तोडऩे का नोटिस थमा दिया है। कंपनी के प्रोजेक्ट हैड सत्य वैलूरी ने महापौर रामेश्वर दाधीच व कार्यवाहक सीईओ को सौंपे नोटिस में कहा है कि वह तय अनुबंध के अनुसार घर-घर कचरा संग्रहण का काम करने की इच्छुक है, मगर निगम अनुबंध की शर्तों की लगातार अनदेखी कर रहा है। ऐसे में ठेका फर्म निगम के साथ हुए अनुबंध को आगे जारी नहीं रखना चाहती है।
रामकी के अनुसार निगम ने इन प्रमुख शर्तों पर नहीं दिया ध्यान
कंपनी द्वारा पेश बिल का 75 फीसदी भुगतान 10 दिन में करना था, लेकिन कभी भी भुगतान समय पर नहीं किया। इसका असर यह हुआ कि कंपनी अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं कर पाई।
स्वतंत्र इंजीनियर की नियुक्ति करनी थी, लेकिन निगम सवा साल गुजरने के बावजूद नियुक्ति नहीं कर पाया। असर यह हुआ कि ठेका कंपनी व निगम के काम की समीक्षा नहीं हो रही है।
योजना शुरू होते ही निगम को इसके लिए एक अलग खाता खुलवाना था, ताकि ठेका फर्म को भुगतान का पैसा इसमें जमा पड़ा रहे, लेकिन निगम अभी तक खाता नहीं खुलवा पाया।
रामकी सवा साल में 65 की बजाय सिर्फ 44 वार्डों तक पहुंची
पहले 2 माह में 26 की बजाय २४ वार्डों में शुरू हुआ कचरा संग्रहण।
तीसरे माह तक 20 और वार्डों बजाय सिर्फ 8 वार्ड में लागू हुई योजना।
पांच माह में 19 अन्य वार्डों में शुरू की जानी थी, लेकिन 2 वार्ड ही जुड़ सके।
पांच माह में सभी 65 वार्डों में शुरू करना था घर-घर कचरा संग्रहण, सिर्फ 44 वार्डों तक ही पहुंची ठेका फर्म।
एक साल में मुख्य सड़कों को डस्टबिन फ्री करना था, लेकिन अब तक कोई नहीं।
घर के कचरे के लिए हरे रंग के कंटेनर और रोड स्वीपिंग के कचरे के लिए काले रंग के कंटेनर रखे जाने थे, नहीं रखे।
॥काम करके भुगतान के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता है। अब और काम करना मुश्किल है।
सत्य वैलूरी, प्रोजेक्ट हैड, रामकी
॥कंपनी अपनी नाकामियों का ठीकरा हम पर फोडऩा चाहती है, जो सरासर गलत है।
रामेश्वर दाधीच, महापौर
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.