जोधपुर.बिलाड़ा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के बाद उसके गर्भधारण के समय की पुष्टि के लिए सोनोग्राफी जांच करवाने के लिए पुलिस पीड़िता को साथ लिए शुक्रवार को पूरे दिन घूमती रही। आखिरकार पावटा अस्पताल में उसकी सोनोग्राफी हो सकी। इससे पहले इस मामले में हो रही देरी को लेकर लोगों ने खासा आक्रोश भी जताया।
पुलिस के अनुसार नाबालिग पीड़िता गर्भवती है। गर्भ अवधि जानने के लिए सोनोग्राफी जरूरी है, लेकिन बिलाड़ा के सरकारी अस्पताल में यह सुविधा नहीं है। इसलिए पीड़िता को जोधपुर लेकर आए। यहां महात्मा गांधी अस्पताल से उम्मेद अस्पताल भेज दिया गया। उम्मेद अस्पताल में किसी ने पुलिस व पीड़िता की ओर ध्यान नहीं दिया। वे इन अस्पतालों के बीच घूमते रहे।
इस दौरान पीड़िता के परिजनों के साथ अन्य लोगों का जमावड़ा बढ़ गया। उन्होंने डॉक्टरों के रवैये को लेकर खासी नाराजगी जताई। उम्मेद अस्पताल से उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल भेज दिया गया। बिलाड़ा थाने के एएसआई दानाराम ने बताया कि डॉक्टरों ने बाद में क्षेत्राधिकार का मामला बताते हुए पावटा अस्पताल को सूचित कर वहां भेज दिया। वहां सोनोग्राफी की गई।
दुष्कर्म के मामले में हमेशा देरी
संभाग भर से दुष्कर्म के मामलों में जांच के लिए पीड़िताओं को जोधपुर भेजा जाता है। उन्हें एमजीएच व उम्मेद अस्पताल के बीच कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार गायनी डॉक्टर नहीं होने से जांच में देरी आम है। दो दिन पहले झंवर थाने के एक मामले में दोनों अस्पतालों के बीच पीड़िता व पुलिस को तीन घंटे इंतजार करना पड़ा था।