जोधपुर. तीन महीने बाद ही सही, पीडब्ल्यूडी ने शुक्रवार रात में शहर की कुछ प्रमुख सड़कों की मरम्मत चालू कर दी। विभाग ने अचानक ऐसा कदम अपने विभाग के मंत्री की जोधपुर यात्रा के डर से उठाया। वरना तीन महीने से सभी विभाग आपदा प्रबंधन फंड के लिए राज्य सरकार की तरफ ही देख रहे थे, लेकिन पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान का शनिवार को अचानक जोधपुर आने का कार्यक्रम तय हुआ तो विभाग ने एक ही दिन में सर्वे करा लिया और टेंडर कर संबंधित ठेका फर्म को वर्कआर्डर कर मरम्मत का काम भी चालू करवा दिया।
एक ही दिन में सर्वे, बजट तय, टेंडर जारी अब 80 लाख में सुधरेंगी सड़कें: पीडब्ल्यूडी के अधीन 254 किलोमीटर की सड़कें आती है। इसमें बारिश से 10 फीसदी सड़कें बारिश में टूटने का अनुमान है। पिछले 3 महीने के बजट के कारण ठीक नहीं हो पा रही थी। शनिवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री आने की सूचना के बाद बजट तय कर दिया गया। अनुमान के अनुसार करीब 80 लाख रुपए खर्च होंगे। इनमें पीडब्ल्यूडी की ठेका फर्म सुगणा कंस्ट्रक्शन ने पांचवीं रोड से सिवांची गेट होते हुए शनिश्चरजी का थान, बासनी तिराहे से न्यू पावर हाउस रोड, मिल्कमैन कॉलोनी से न्यू पावर हाउस रोड, बासनी से एम्स रोड, पावटा बी व सी रोड से लक्ष्मी नगर, जालोरी गेट चौराहे के आसपास, नई सड़क, सोजती गेट सहित कुछ अन्य इलाकों में रातोरात गड्ढों में डामर व गिट्टी बिछाकर सड़कें ठीक की। ठेकेदार शेरसिंह का कहना है कि टेंडर तो नहीं हुआ, लेकिन जितना नाप होगा, उतना भुगतान करने का भरोसा दिलाया है।
... तो क्या सीएम आएंगी तो रिपेयर होंगी निगम-जेडीए की 700 किमी सड़कें
शहर में बरसात से जेडीए और निगम की करीब 700 किमी लंबी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। दोनों एजेंसियां बजट की कमी से इनका सर्वे तक नहीं करा रहीं। पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर के आकस्मिक दौरे के बाद जिस तरह सड़कें दुरुस्त हुईं उससे लोग अब इन विभागों से ज्यादा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तरफ आस भरी नजरों से देख रहे हैं कि वे जल्दी से जोधपुर आएं तो सड़कें सुधरें, क्योंकि सरकारी विभागों की कार्यशैली से तो उम्मीद नहीं।
निगम की 90 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त
800 किमी की सड़कें निगम के अधीन।
90 किमी सड़कें बारिश में क्षतिग्रस्त हुई।
3 करोड़ रुपए से ज्यादा सड़कों के पेचवर्क पर होंगे खर्च
अभी क्या हालात| सड़कों की मरम्मत के लिए 4 करोड़ से ज्यादा के टेंडर निकाल रखे हैं, लेकिन तंगहाली के चलते जरूरत के हिसाब से वर्कऑर्डर जारी किए जा रहे हैं। भुगतान नहीं मिलने से कुछ ठेकेदारों ने काम बंद कर दिए हैं।
जेडीए की 25 फीसदी सड़कें टूटी हुईं
2500 किमी सड़कें जेडीए के पास।
25 फीसदी सड़कें बारिश में क्षतिग्रस्त हुई।
265 सड़कों के वर्कऑर्डर तंगी से निरस्त हो चुके हैं
अभी क्या हालात- विकास कार्यों के पेटे 200 करोड़ रुपए का भुगतान अटका, ठेकेदार समूचे शहर में विकास कार्य बंद कर धरने पर बैठे हैं। इसके कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, लेकिन कर्ज में डूबा जेडीए विवश है।
क्षतिग्रस्त सड़कें
सूरसागर से राजबाग, सूरसागर पुलिस थाने से रावटी होकर बालसमंद तक फोरलेन सड़क अधूरी। जालोरी गेट बारी से सोजती गेट, उम्मेद स्टेडियम, नैनी बाई मंदिर, मिर्धा सर्किल, नागौरी गेट होते हुए ज्योति बा फूले तिराहे तक की सड़क। पुराने सीएमएचओ से सरदारपुरा सी रोड होते हुए जलजोग चौराहे तक सड़क क्षतिग्रस्त है।