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डाउनलोड करेंजोधपुर। वर्ष 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान काले हिरणों के शिकार के आरोपी बॉलीवुड स्टार सलमान खान बुधवार को यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जिला) की अदालत में पेश हुए। सलमान पूरी तैयारी के साथ आए थे, लेकिन मजिस्ट्रेट के पहले सवाल ने ही उन्हें परेशान कर दिया। सलमान के कोर्ट में पहुंचते ही मजिस्ट्रेट ने पूछा- क्या यही सलमान खान हैं? जांच कीजिए और बताइए। तब सरकारी वकील ने दस्तावेज जांच कर जवाब दिया कि यही सलमान खान हैं।
पेशी के दौरान सलमान ने अवैध हथियार रखने के मामले में कहा कि वे निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया गया है। हथियारों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो जाने के बाद उन्होंने जोधपुर में हथियारों को अपने पास नहीं रखा, बल्कि वन विभाग के कहने पर हथियार मुंबई से मंगवा कर पुलिस के समक्ष पेश किए थे। सलमान ने अदालत से कहा कि वे सफाई के लिए साक्ष्य पेश करना चाहते हैं। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जिला) चंद्रकला जैन ने सलमान से कहा कि वे 10 मार्च को अपने बचाव के लिए गवाह पेश कर सकते हैं।
अवैध हथियारों के मामले में बुधवार को 'मुल्जिम बयान' होने से पहले ही बॉलीवुड स्टार सलमान खान की ओर से अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत व श्रीकांत शिवदे ने एक आवेदन अदालत में पेश कर कहा कि सलमान पर पहला आरोप अवैध रूप से हथियार रखने का और दूसरा आरोप इन हथियारों का काले हिरणों के शिकार में इस्तेमाल करने का है। उनका कहना था कि काले हिरणों के शिकार का अभी तक विचाराधीन है। इसमें गवाहों के बयान होने हैं। इस मामले में अदालत को यह तय करना है कि सलमान ने काले हिरणों का शिकार किया या नहीं।
उनका यह भी कहना था कि अवैध हथियारों के मामले में, जिसमें सलमान के बयान होने हैं, अदालत को यह तय करना है कि सलमान ने उन अवैध हथियारों का इस्तेमाल काले हिरणों के शिकार में किया या नहीं। मुल्जिम बयान के दौरान सलमान को इन सवालों का जवाब देना होगा। मुल्जिम बयान देते समय सलमान का 'डिफेंस डिसक्लोज' हो जाएगा। इससे काले हिरणों के शिकार का मामला भी प्रभावित होगा।
अवैध हथियारों के मामले में फैसले के दौरान अदालत यदि इस नतीजे पर पहुंचती है कि सलमान ने एक व दो अक्टूबर, 1998 की मध्य रात्रि में कांकाणी की सरहद पर दो काले हिरणों के शिकार में इन हथियारों का उपयोग किया तो ऐसी स्थिति में काले हिरणों के शिकार का मामला बिना ट्रायल के ही साबित हो जाएगा। दूसरी ओर, अवैध हथियारों के मामले में अदालत यदि इस नतीजे पर पहुंचती है कि इन हथियारों का इस्तेमाल शिकार में नहीं हुआ, तब भी मामला अभियोजन के खिलाफ जाएगा। उनका कहना था कि मुल्जिम बयान फिलहाल स्थगित किए जाएं एवं काले हिरणों के शिकार के मामले को आगे बढ़ाया जाए और आखिर में दोनों मामलों का फैसला एक साथ हो।
इसका जवाब देते हुए लोक अभियोजक उपेंद्र शर्मा का कहना था कि दंड प्रक्रिया संहिता के तहत एक ही संव्यवहार वाले तीन मामलों में एक साथ चार्ज लगाया जा सकता है और उनकी ट्रायल भी एक साथ हो सकती है, लेकिन अवैध हथियारों के मामले में कई साल पहले ही आरोप तय किए जा चुके थे एवं अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य बंद कर दिया था। आज यह मामला मुल्जिम बयान के लिए रखा गया है, यानी ट्रायल लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि काले हिरणों के शिकार का मामला अभी प्रारंभिक स्तर पर है। उसमें 52 गवाहों में से मात्र 5 गवाहों के ही बयान हुए हैं और ट्रायल में काफी समय लगेगा। यदि अवैध हथियारों के मामले में कार्यवाही रोकी जाती है, तो इसके फैसले में काफी विलंब हो सकता है। इसलिए सलमान के मुल्जिम बयान आज ही कलमबद्ध कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए।
न्यायाधीश जैन ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सलमान के आवेदन को खारिज कर उनके मुल्जिम बयान कलमबद्ध किए। बहस करीब सात घंटे तक चली।
आगे की स्लाइड्स में जानें सलमान के खिलाफ जोधपुर में दर्ज दो मामलों की अब तक की प्रगति के बारे में...
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