पिछले दिनों आंधी व बूंदाबांदी के कारण बाधित बिजली सप्लाई अब तक दुरुस्त नहीं, पोल के तार टूटने व सप्लाई लाइन में फॉल्ट आने पर शिकायत के बावजूद डिस्कॉम व ठेका फर्म द्वारा कई दिनों तक शिकायत का निवारण नहीं किया जा रहा
जोधपुर.डिस्कॉम की ओर से शहर में बिजली व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने एवं शिकायतों का समाधान करने का जिम्मा ठेका फर्म को देने से उपभोक्ताओं के साथ डिस्कॉम के कर्मचारियों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। शहर में दो दिन पूर्व आंधी एवं बूंदाबांदी के कारण अब तक हजारों उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छाया हुआ है। डिस्कॉम के कॉल सेंटर में 9 से 14 मई तक पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने शहर में बिजली संबंधी शिकायतें दर्ज करवाई, लेकिन ठेका कंपनी की ढील के चलते उपभोक्ताओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के बाद भास्कर टीम ने शहर में पड़ताल की तो पता चला कि कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज करवाने के बाद दो-तीन दिन तक कार्रवाई नहीं की जा रही है। आंधी व बूंदाबांदी के बाद अधिकतर उपभोक्ताओं ने बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने, पोल से सर्विस लाइन खराब होने की शिकायतें दूर नहीं होने की जानकारी दी। पड़ताल में पता चला कि डिस्कॉम के न्यू पावर हाउस स्थित कॉल सेंटर पर 9 मई से 14 मई तक चार हजार से ज्यादा शिकायतें सिटी सर्किल के उपभोक्ताओं ने दर्ज करवाई। अधिकांश शिकायतें सर्विस लाइन से सप्लाई बंद होने की थी।
कमला नेहरू नगर निवासी सुधीर राठी और सूरसागर के कैलाश सोलंकी ने बताया कि रविवार को शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन मंगलवार तक बिजली सप्लाई दुरुस्त नहीं हो पाई। कॉल सेंटर पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद फॉल्ट ठीक नहीं हो रहा है। ठेका फर्म एम्पायर प्राइवेट लिमिटेड के सुपरवाइजर चांद मोहम्मद का कहना है कि पूरे स्टाफ को फॉल्ट दुरुस्त करने के लिए लगाया हुआ है।
मेंटीनेंस के नाम पर लाखों खर्च, बिजली कटौती भी..
डिस्कॉम शहर में मेंटीनेंस के नाम पर हर माह लाखों रुपए खर्च कर रहा है। इसके लिए पांच से सात घंटे की कटौती भी की जाती है। इतना कुछ होते हुए भी थोड़ी सी आंधी व बरसात में बिजली तंत्र गड़बड़ा जाता है। कई जगह पर आंधी चलने से पोल पर लगे तार टूट जाते हैं। इसके चलते पूरे मोहल्ले की बिजली बंद हो जाती है।
..और इतने सारे संसाधन
शहर में बिजली सप्लाई के लिए 52 सब स्टेशन पर 11 सौ कर्मचारियों को लगाया हुआ है। इसमें से 800 टेक्नीशियन हैं। इनका कार्य मेन लाइनों की मेंटीनेंस व बिजली सप्लाई सुचारु रखना है। घरों में सर्विस लाइन से सप्लाई में आने वाला फॉल्ट ठीक करने का जिम्मा ठेका कंपनी के हिस्से में जाता है। शहरी उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए डिस्कॉम ने एम्पायर प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया है तो शिकायत दर्ज करने का ठेका कम्पाक्यूम के पास है।
फिर भी ये हालात..
पिछले पांच दिनों में दर्ज 5000 शिकायतों में से 1200 का अब तक निस्तारण नहीं हो सका। डिस्कॉम के कॉल सेंटर पर बिजली संबंधी शिकायत मिलने पर एम्पायर प्रा. लि. को दे दी जाती है। ठेका कंपनी ने शहर के 65 वार्डो में 3.50 लाख कनेक्शनों पर मात्र 100 सौ कर्मचारी एवं 14 वैन लगा रखी हैं। संसाधनों की कमी ठेका कंपनी के कार्य में रोड़ा बनी हुई है। दो घंटे में शिकायत का निस्तारण नहीं होने की स्थिति में ठेका फर्म पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है, लेकिन ठेका देने के बाद कभी भी डिस्कॉम ने ठेका फर्म पर इस तरह का जुर्माना नहीं लगाया।
चेतावनी दी है अब गलती की तो ठेके के बारे में सोचेंगे
(डिस्कॉम के एसई सिटी एमआर विश्नोई से सीधी बात)
भास्कर : पांच दिन से शहर का बिजली तंत्र गड़बड़ाया हुआ है..
विश्नोई : हां, आंधी एवं बूंदाबांदी के बाद कुछ परेशानी आ रही है।
आप क्या कर रहे हैं?
सर्विस लाइन से घरेलू फॉल्ट निकालने का कार्य ठेका फर्म को दे रखा है। वो फॉल्ट निकाल रहे हैं।
क्या यह डिस्कॉम की जिम्मेदारी नहीं है?
जिम्मेदारी तो पूरी है।
तो समस्या कहां आ रही है?
समस्या ठेका फर्म की तरफ से आ रही है। अब तो इनको कह दिया है कि या तो व्यवस्था सुधारें, नहीं तो ठेके के लिए दुबारा सोचना पड़ेगा।