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स्वाइन फ्लू: दो घंटे में पूरा हुआ केंद्रीय टीम का दौरा

9 वर्ष पहले
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टीम आने से पहले किए दिखावे के उपाय, डॉक्टरों व चिकित्साकर्मियों में जागरूकता की कमी बताई, स्वास्थ्य मंत्री को देंगे रिपोर्ट
जोधपुर.स्वाइन फ्लू के उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम के एक मात्र सदस्य दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भवानीसिंह ने बुधवार को स्थानीय सहयोगियों के साथ दो घंटे में तीनों अस्पतालों के आइसोलेशन व आईसीयू वार्ड व मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी प्रयोगशाला का दौरा किया। इसके बाद वे जयपुर रवाना हो गए।
केंद्रीय टीम ने यहां के चिकित्साकर्मियों में स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूकता का अभाव बताया है। टीम के आने से पहले अस्पतालों में सफाई की गई, स्टाफ व मरीजों के परिजनों को मास्क दिए गए और चद्दरें बदली गईं।
डॉक्टर भी पूरे किट में नजर आए। गुरुवार को यह टीम अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री को सौंपेगी। टीम में जयपुर से स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रशांत कुमार, स्थानीय डीएमआरसी के वैज्ञानिक डॉ. केआर हल्दिया व डॉ. विनोद जोशी शामिल थे। टीम के सदस्यों ने प्रारंभिक तौर पर उपचार की व्यवस्था पर संतुष्टि जताई है।
स्वाइन फ्लू की केंद्रीय टीम का जायजा
जागरूकता की जरूरत
टीम के सदस्यों ने दौरे के बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अरविंद माथुर को कॉलेज के अस्पतालों व ग्रामीण क्षेत्रों के डॉक्टरों व चिकित्साकर्मियों को स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक करने के लिए सीएमई या ओरिएंटेशन कार्यक्रम करवाने की सलाह दी। प्राचार्य ने बताया कि जल्द ही इसके लिए सीएमई आयोजित की जाएगी।
लैब अपग्रेड करने की जरूरत
टीम के सदस्यों ने स्वाइन फ्लू से मरने वाले रोगियों से जुड़ी जानकारी ली है। इसमें मरीज पहले किस बीमारी से पीड़ित था सहित अन्य जानकारियां शामिल हैं। मरीजों के नमूनों से जुड़े आंकड़ों की जानकारी लेने के साथ उन्होंने वायरोलॉजी लैब अपग्रेड करने की आवश्यकता बताई ताकि एक साथ 20 से अधिक नमूनों की जांच हो सके। वर्तमान में यहां एक साथ 11 नमूनों की जांच हो रही है।
रात भर करते रहे मशक्कत
टीम के दौरे की तैयारी के लिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मंगलवार रात ही तैयारियां शुरू कर दी थी। रात साढ़े बारह बजे मुख्यमंत्री की बैठक खत्म होने के बाद एमडीएम अस्पताल में सीनियर डॉक्टर जुटे थे। इसके बाद एमडीएमएच में अब तक सामने आए मरीजों के टिकट सहित अन्य दस्तावेज दुरुस्त करने में सुबह के पांच बज गए।
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