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एक बस्ती जहां बेटियां करती हैं जिस्म का धंधा, मां के नाम से जाने जाते हैं बच्चे!

9 वर्ष पहले
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पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करने वाला राजस्थान अपने साए में कई रोचक तथ्य छुपाये हुए है।यहां कदम-कदम पर कई अनोखी परंपराओं का बोलबाला आमतौर पर देखा जा सकता है।dainikbhaskar.com अपने पाठकों के लिए लाया है एक सीरीज जिसमें राजस्थान की विभिन्न परंपराओं और रोचक तथ्यों से रूबरू कराया जाएगा। 'झलक राजस्थान की' नामक इस सीरीज में आज प्रस्तुत है एक ऐसी बस्ती की कहानी जहां जिस्म का धंधा करती हैं बेटियां।
पढ़िए, एक बस्ती जहां बेटियां करती हैं वेश्यावृत्ति...
नगर बधुओं का एक ऐसा गांव, जहां बसती हैं सिर्फ महिलायें और उनके मासूम बच्चे। ऐसे बच्चे जो अपने बाप के नाम से नहीं बल्कि अपनी मां के नाम से जाने जाते हैं, स्कूल में भी इनके नाम के आगे मां का नाम ही लिखा हुआ है।यह गांव है राजस्थान के बाड़मेर जिले का सांवरड़ा गांव। इस गांव में साटिया जाति के करीब 70 परिवार निवास करते हैं।गांव में 132 नगर बधुएं और लगभग 45 बच्चे हैं जो गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।गांव की महिलायें अपना और अपने बच्चों का पेट पालने के लिए देह व्यापार करती हैं।
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