जोधपुर. भगत की कोठी से दिल्ली सराय रोहिल्ला जा रही एक्सप्रेस के सामने अपनी क्रेन को पटरी पर फंसा देख उसका चालक ट्रेन के सामने दौड़ पड़ा। उसकी कोशिश थी कि ट्रेन को पहले रोक ले और क्रेन बच जाए। ट्रेन के लोको पायलट ने पटरी पर क्रेन को देख आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी भी, लेकिन क्रेन इंजन से टकरा कर बिखर गई। दुर्घटना में ट्रेन के इंजन का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद क्रेन का चालक मौके से भाग गया।
हो सकता था बड़ा हादसा- दरअसल ट्रेन के लोको पायलट सलीम ने सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को समय रहते कंट्रोल कर लिया। तेज गति से दौड़ती ट्रेन के क्रेन से टकराने पर ट्रेन के कोच पटरी से उतर कर पलट भी सकते थे। ट्रेन में सैकड़ों यात्री थे जिनकी जान जोखिम में हो सकती थी।
आपातकालीन ब्रेक लगाए, फिर भी हो गया हादसा
भगत की कोठी-दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14706 भगत की कोठी से शनिवार सुबह 9:55 बजे रवाना हुई थी। जोधपुर के निकट ही असारनाडा व खेड़ी सालवां स्टेशन के बीच मानव रहित क्रॉसिंग संख्या सी-147 पर सुबह करीब 11 बजे क्रेन बीच पटरी पर बंद हो गई। चालक की बार-बार कोशिश के बावजूद क्रेन आगे नहीं बढ़ सकी। उसी दौरान उसे सामने से ट्रेन आती दिखी।
वह नीचे उतर कर पटरी पर ट्रेन के सामने दौड़कर खतरे का संकेत देने की कोशिश करने लगा। चूंकि ट्रेन जोधपुर के बाद सीधे मेड़तारोड ही रुकती है, ऐसे में लोको पायलट सलीम करीब 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से क्रेन तक पहुंच गया। सामने क्रेन देख उसने आपातकालीन ब्रेक भी लगाए। बावजूद इसके ट्रेन क्रेन को टक्कर मारते हुए क्रॉसिंग से करीब 250 मीटर आगे तक निकल गई। हादसा होते ही क्रेन का चालक मौके से भाग गया।
दो घंटे बाद दूसरा इंजन लगाकर रवाना की ट्रेन- डांगियावास से पुलिस मौके पर पहुंची। सड़क मार्ग भी बाधित हो गया। जेसीबी मंगवाकर क्षतिग्रस्त क्रेन को हटाया गया। ट्रेन का इंजन भी क्षतिग्रस्त हुआ, जिसे अलग कर दूसरी पटरी पर खड़ा किया गया। करीब दो घंटे बाद ट्रेन में दूसरा इंजन लगाकर उसे रवाना किया गया। जांच अधिकारी गोरधनराम ने बताया कि क्रेन का मालिक उकारराम है, लेकिन चालक के बारे में पता नहीं चल सका है।