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चार साल पहले प्रसूताओं की मौत के लिए बदनाम, अब दुनिया के सर्वाधिक प्रसव

6 वर्ष पहले
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जोधपुर. 'सरकारी सिस्टम का कुछ नहीं हो सकता' जैसे जुमले को उम्मेद अस्पताल ने खारिज किया है। 4 साल पहले फरवरी-मार्च 2011 में संक्रमित ग्लूकोज से प्रसूताओं की मौतों के चलते चर्चा में आए इस 100 साल पुराने अस्पताल ने व्यवस्थाओं में ऐसे बदलाव किए कि आज दुनिया में सर्वाधिक प्रसव होते हैं। रोजाना औसतन 69, सालाना 25 हजार से भी ज्यादा। बड़ी उपलब्धि, मातृ मृत्यु दर को प्रदेश के अन्य बड़े अस्पतालों की तुलना में नीचे लाना भी है। 2014 में यहां 25,113 प्रसव पर 62 प्रसूताओं की मौत हुई। ये आंकड़ा जयपुर में महिलाओं के सबसे बड़े जनाना अस्पताल से कम है।
वहां 2013 में 16,542 प्रसव हुए लेकिन 318 प्रसूताओं की मौते हुई थीं। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एसएन मेडिकल कॉलेज की एक रिपोर्ट के अनुसार उम्मेद अस्पताल में हर माह पांच सौ से ज्यादा गर्भवतियां दूर-दराज के इलाकों से रैफर होकर आती हैं। इनमें से 48 फीसदी मामले जटिल होते हैं। उम्मेद अस्पताल के डॉक्टर्स व नर्सेज संसाधनों की कमी के बावजूद अपना काम बखूबी कर रहे हैं। सरकार ने यहां का दबाव कम करने के लिए एमडीएमएच में बने नए जनाना अस्पताल में 100-100 बैड शिशु रोग व गायनी विभाग के लिए रखे गए हैं।
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टूटने लगा था भरोसा
जनवरी 2011 में 1683 प्रसव हुए थे। 12 फरवरी से संक्रमण से प्रसूताओं की मौतें शुरू हुई। अस्पताल में प्रसव की संख्या घटने लगी। फरवरी में यह 1293, मार्च में 818, अप्रेल में 869, मई में 942, रह गई। जून में प्रसव की संख्या ने एक हजार का आंकड़ा (1074) पार किया। 2011 में प्रतिदिन प्रसव का औसत पचास से भी कम रहा। इन दिनों प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) आउटडोर में आने वाले गर्भवतियों की संख्या भी आधी रह गई थी।
अनुशासन, बड़े बदलाव से वापसी
प्रसूताओं की लगातार मौतों के बाद सरकार ने तीन कमेटियां बनाईं। इनके सुझाव जस के तस लागू किए।
1 40 बैड के लेबररूम को 100 बैड करने के लिए 2 करोड़ खर्च। १ साल लगा। (अभी 82 बैड ऑपरेट हैं)
2 लेबररूम को एसी बनाया। दीवारों पर एंटी-इंफेक्शनल पेंट किया।
3 लेबररूम से ही एक एंटीनेटल वार्ड को जोड़ा, जहां गर्भवतियों को रखा जा सके। लेबररूम में परिजनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई।
4 सीनियर डॉक्टर्स की शाम को फ्लोर ड्यूटी लगाने की व्यवस्था कड़ाई से लागू की गई।
5 उम्मेद अस्पताल की ख्याति एवं व्यवस्थाओं को इसी प्रकार बनाए रखने के लिए एमडीएम हॉस्पिटल में तैयार नए जनाना अस्पताल में इसी माह प्रसव सुविधा प्रारंभ होगी। अभी ओपीडी चल रही है।