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'मुद्दों पर अभी दिमाग नहीं लगाया है, जीतने के बाद की बातें हैं'

8 वर्ष पहले
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जोधपुर. कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रेश कुमारी एक दशक से जोधपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से विधायक, राज्य मंत्री, सांसद और पिछले टर्म में केंद्रीय मंत्री तक रहीं हैं। भाजपा के गजेंद्रसिंह शेखावत छात्र राजनीति में सालों से मुद्दों और समाधान की बातें करते रहने के साथ सफल व्यवसायी भी हैं। जनता जानना चाहती है कि जोधपुर के विकास का आधार बनने वाले मुद्दों पर दोनों की सोच और योजना क्या है। भास्कर ने पूछा तो सतही जवाब सामने आए। पाठकों की जानकारी के लिए हमने जानकारों से भी बात की ताकि इन विषयों पर सही रोड मेप पता चल सके।

एयरपोर्ट का विस्तार

चंद्रेश कुमारी

विजन- राज्य सरकार से को-ऑर्डिनेट कर मुद्दा उठाया। फॉर्मूला तैयार करवाकर रक्षा मंत्रालय से जमीन के आदान-प्रदान की मंजूरी दिलाई। पीएम की अध्यक्षता वाली सुरक्षा कमेटी में मामला उठाकर अप्रुवल दिलवाया तब एमओयू तक बात बनी।
वे-फॉरवर्ड- डिफेंस मिनिस्ट्री को मनाना मुश्किल रहा। आगे और मुश्किल है। राज्य सरकार का साथ लेने के लिए संघर्ष होगा। केंद्र में हमारी सरकार बनने पर निर्भर करेगा।

गजेंद्रसिंह शेखावत
विजन-
इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट, वेडिंग डेस्टिनेशन व बढ़ती हॉस्पिटेलिटी के कारण यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सबसे पहले जरूरत हैं। विस्तार के साथ नई फ्लाइट्स लाना भी मूल आवश्यकता हैं।

वे-फॉरवर्ड- सीएम को साथ लेकर एमओयू साइन करवा कर काम शुरू करने का प्रयास होगा। इसके लिए मारवाड़ के सभी सांसदों का साथ लूंगा।


डीएमआईसी के काम में तेजी
विजन-
दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के काम में तेजी लाना प्रमुख जरूरत है। जोधपुर का औद्योगिक विकास इससे ही संभव है।

वे-फॉरवर्ड- यह महत्वपूर्ण योजना है। इस पर जल्द काम करेंगे, फंड लाकर जल्द शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि औद्योगिक विकास की राह आसान हो।

विजन- डीएमआईसी का काम स्पीड पकड़े यह प्राथमिकता होनी चाहिए। जोधपुर से लेकर आबूरोड तक इंडस्ट्रीयल ग्रोथ होगी। ट्रांसपोर्टेशन और आसान हो जाएगा।

वे-फॉरवर्ड- नीमराणा के बाद जोधपुर के नोड के लिए पैसे दिलाना सबसे अहम है। फंडिंग के बाद काम शुरू होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार प्लान
एयरपोर्ट का विस्तार और डीएमआईसी का सैकंड नोड। दोनों काम मारवाड़ की सोसियो व इकोनोमिकल तस्वीर बदलने वाले हैं। चूंकि इन दोनों काम से पूरा मारवाड़ प्रभावित होगा, तो पांचों सांसदों को टारगेट लेकर इस काम को कराना चाहिए। केंद्र में प्रोजेक्ट की स्टडी, विजन और प्रेशर के बिना कोई काम नहीं होता।

रिफाइनरी के पास सेज जैसी स्कीम

गजेंद्रसिंह शेखावत जोधपुर ही मारवाड़ के विकास के लिए रिफाइनरी जरूरी है। इसके साथ में आने वाले प्रोडेक्ट जोधपुर में ही पनपेंगे।
हाल ही में राज्य सरकार ने चार सौ करोड़ रुपए दिए हैं। राज्य सरकार से बातचीत कर इसे जल्दी शुरू करवाने की कोशिश होगी।

एम्स में सुपर स्पेशिलिटी
गजेंद्रसिंह शेखावत- एम्स जैसा विश्व स्तरीय मेडिकल संस्थान का जोधपुर में होना गौरव की बात हैं। इसमें क्रिटिकल रोगों का उपचार हो।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर विस्तार करवाना प्राथमिकता है।

बर-बिलाड़ा-जोधपुर फोरलेन
गजेंद्रसिंह शेखावतत्न जयपुर से दिल्ली तक सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी के लिए यह फोरलेन की जोधपुर वासियों को जरूरत।

पिछले दस साल यह मार्ग राजनीति के कारण अटका हुआ है। भू-तल परिवहन मंत्रालय से इसे मंजूरी दिलाने का प्रयास होगा।