जोधपुर.राज्य के कई इलाकों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रविवार को जोधपुर आए सैंकड़ों युवकों ने शाम को अपने घर लौटते समय ट्रेनों में व स्टेशन पर हुड़दंग मचाया। आरपीएफ के जवानों ने ऐसे युवकों को ट्रेनों की छत से उतारा और कई बार खदेड़ा भी। युवकों की इस हरकत से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार को शहर में कई स्कूलों व कॉलेजों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सेंटर बनाए गए थे। इनमें शामिल होने के लिए जोधपुर के बाहर से भी बड़ी संख्या में युवक आए थे। ये शाम को लौटने के लिए सिटी स्टेशन पहुंचे और मंडोर एक्सप्रेस, हावड़ा सुपरफास्ट व दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपरफास्ट के जनरल कोच में इस कदर भर गए कि पैर रखने की जगह नहीं बची। ऐसे में कुछ युवक ट्रेन की छत पर चढ़ गए।
युवकों की भीड़ देख आरपीएफ पहले से मुस्तैद थी। आरपीएफ के जवानों ने युवकों को जबरन ट्रेन की छत से उतारा। इसके बावजूद कुछ युवक दूसरी साइड से ट्रेनों की छत पर चढ़ते रहे। काफी मशक्कत के बाद ट्रेन रवाना हुई तो बार-बार चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया गया। इससे रिजर्वेशन कोच में बैठे यात्रियों को भी अपनी सीट पर सुविधाजनक ढंग से बैठने में दिक्कत हुई।
कोच लगाना भूल गया रेलवे
मंडोर एक्सप्रेस में यात्रियों की वेटिंग को देखते हुए रेलवे ने इस ट्रेन में एक अतिरिक्त थर्ड एसी बोगी लगाना तय किया था। परिचालन विभाग के निर्देश पर मंडोर एक्सप्रेस में चार की जगह पांच थर्ड एसी कोच में यात्रियों को बर्थ आवंटित की गई। शाम साढ़े सात बजे जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लगाई गई तो इसमें पांचवां थर्ड एसी कोच बी-5 था ही नहीं। रेलवे ने इस कोच में 50 से अधिक यात्रियों को बर्थ आवंटित की हुई थी।
इसको लेकर यात्रियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। पता चला है कि परिचालन विभाग के जिम्मेदारों ने इस कोच के बारे में सही समय पर फैसला नहीं किया, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई। बाद में ट्रेन में सबसे आगे एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगाकर यात्रियों को बर्थ दी गई। इस कारण ट्रेन करीब एक घंटे की देरी से रवाना हुई।