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डीएमएफटी की पहली बैठक बेनतीजा 96 गांवों की जरूरतों की रिपोर्ट तलब

4 वर्ष पहले
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करौली| खननक्षेत्र के गांवों में रॉयल्टी की राशि से मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट के तहत 13 प्रमुख विकास कार्यों के प्रस्ताव का शुक्रवार को अनुमोदन नहीं हो सका। जिला परिषद के अटल सेवा केंद्र में जिला प्रमुख की अध्यक्षता में आयोजित डीएमएफटी की पहली बैठक बेनतीजा ही रही,हालांकि सदन ने प्रस्ताव पारित करने से पहले ट्रस्ट में सदस्यों के मनोनयन की प्रक्रिया पूरी होने तथा खान इलाकों के करीब 96 गंावों की मूलभूत आवश्यकता के पहलुओं की वास्तविक रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय जरूर लिया।

ट्रस्ट के सदस्य सचिव एमई सहदेव सारण ने डीएमएफटी द्वारा खनन क्षेत्र के गांवों में आधारभूत सुविधाओं के लिए कराये जाने वाले विकास कार्यों,श्रमिकों के उत्थान कल्याण में भूमिका तथा सिलिकोसिस रोकथाम के प्रयास आदि बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का अध्यक्ष जिला प्रमुख और कलेक्टर उपाध्यक्ष होते हैं। इनके अलावा वन,कोष,चिकित्सा,समाज कल्याण, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी सदस्य हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने अधिसूचित डीएमएफटी रूल्स 2016 के तहत सभी जिलों को डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट गठित किए हैं। इसकी पालना में स्थानीय खनि अभियंता कार्यालय ने कलेक्टर के निर्देशानुसार ट्रस्ट गठित कर रॉयल्टी के पैसे से खनन क्षेत्र के गांवों में विकास कराने के लिए 13 प्रमुख कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया,जिसका पहली बैठक में अनुमोदन नहीं हो पाया। सदस्यों ने प्रस्ताव में हैडपंपों की संख्या बढ़ाने के साथ अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों के बिंदु जोड़ने का सुझाव दिया।

रॉयल्टी की 10 % राशि से निखरेगा रूप

खनिविभाग जिले में रॉयल्टी के 10 प्रतिशत कर के रूप में प्रतिवर्ष औसतन 2.3 करोड़ रुपए की सहयोग राशि खनन क्षेत्र के गांवों के विकास पर खर्च करेगा। डीएमएफटी फंड में उपलब्ध राशि के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों में कार्यों का चयन कर विभागवार प्रस्तावित प्रोजेक्ट को समिति के बाद जिला स्तर पर गवर्निंग काउंसिल से अनुमोदन कराएगा,तभी कलेक्टर इसकी स्वीकृति जारी कर सकेंगे।

इसप्रकार के काम होंगे

डीएमएफटीट्रस्ट के सदस्य सचिव सहदेव सारण के अनुसार खनन प्रभावित गांवों का विकास की दृष्टि से रूप निखारने के लिए प्रमुख रूप से पीने का पानी,पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण,स्वास्थ्य सेवा,शिक्षा,महिला एवं बाल कल्याण,वृद्धजन एवं नि:शक्तजन कल्याण,कौशल विकास,सफाई व्यवस्था के कार्य होंगे। इसके अलावा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए सिंचाई, उर्जा, वाटर-शेड़ जैसे कार्य कराए जाएंगे। पहली बैठक में खनन क्षेत्र के गांवों में पेयजल स्रोत साधन,स्कूलों में कक्षा कक्ष,शौचालय,आम रास्ते अन्य जरूरत के कार्यों की रिपोर्ट मांगने का निर्णय लिया गया है।

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