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तस्करों से बचकर चिड़ियाघर की बेकदरी के चंगुल में फंसे 7 दुर्लभ कछुए

7 वर्ष पहले
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कोटा. तस्करों से छुड़ाने के बाद से दुर्लभ प्रजाति के 7 कछुओं को चिड़ियाघर में अंधेरे में रखे गए एक्वेरियम में रखा हुआ है। भोजन पचाने के लिए इनको पर्याप्त रोशनी भी नहीं मिल पा रही है। यही नहीं, चिड़ियाघर में रखे होने के बावजूद इन्हें दर्शकों से दूर किया हुआ है।
गौरतलब है कि वर्ष 2008-09 से ये कछुए यहां रखे हैं। सीजेडए की टीम ने भी पिछले दिनों इन वन्यजीवों के मामले में आपत्ति करते हुए सख्त निर्देश दिए थे। मगर कछुओं को फिलहाल निजात नहीं मिल पाई है।

गंगा-गोदावरी में मिलते हैं
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में रिसर्च बायोलॉजिस्ट उर्वशी के अनुसार यह इंडियन टेंट टर्टल प्रजाति है। जो मुख्यतया बांग्लादेश और महानदी, गोदावरी, गंगा क्षेत्र में मिलती है। आईयूडीएस में इन्हें संकटग्रस्त माना गया है। इनकी तस्करी एक्वेरियम में रखने के लिए ही होती है।

' सीजेडए के निरीक्षण के बाद इन्हें रखवा दिया है। मामला न्यायालय में है। इस संबंध में निर्देश मिलने पर जल्द ही इन्हें प्राकृतिक माहौल में छोड़ दिया जाएगा। '
-राकेश शर्मा, उपवन संरक्षक, वन्यजीव