कोटा/सीकर। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा सिस्टम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को हुए बीटेक सातवें सेमेस्टर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एग्जाम में पिछले साल का पेपर 75 फीसदी रिपीट कर दिया गया। सवालों के क्रम और हर सवाल के मार्क्स तक में बदलाव नहीं किया गया। पेपर को देखकर परीक्षार्थी हैरान रह गए।
जानकारी के अनुसार, राज्यभर में बीटेक एग्जाम गुरुवार से शुरू हुआ। पहले दिन मैकेनिकल इंजीनियरिंग में कम्प्यूटर एडेड डिजाइन का पेपर था। पेपर 80 मार्क्स का है। जब पेपर बांटा गया तो कई परीक्षार्थी चौंक गए। पिछले साल के मुकाबले इस बार पेपर की तीसरे यूनिट में सिर्फ एक सवाल बदला गया है। परीक्षार्थी डेविड, अर्पित सेठी, मनीष, पुष्पेंद्र व अश्वनी का कहना है कि लगता है कि यूनिवर्सिटी की पेपर सलेक्शन कमेटी ने 2013 के पेपर की फोटो कॉपी कराकर भेज दी है।
भास्कर से मंगवाए पेपर, माना पेपर रिपीट हुआ
यूनिवर्सिटी के एग्जाम कंट्रोलर प्रवीण भंडारी ने भास्कर से साल 2013 व 2014 के पेपर मंगवाए। पेपर देखने के बाद उन्होंने माना कि 75 फीसदी पेपर रिपीट हुआ है। उन्होंने कहा कि इस पर सब्जेक्ट एक्सपर्ट की राय ली जाएगी। पेपर कैसे रिपीट हुआ, शुक्रवार को इस मामले की जांच कराएंगे। उनका कहना है कि पेपर रिपीट होना समझ से परे हैं। देखेंगे कि किसने यह पेपर बनाया। एग्जाम कमेटी के सामने मामले को रखा जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नोटिस देने और ब्लैक लिस्टेड जैसी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे बनता है पेपर
आरटीयू में आरपीएससी की राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर पेपर तैयार नहीं होता। यहां एक सेमेस्टर में 8 पेपर होते हैं। ऐसे में हर साल बनने वाले पेपरों की संख्या करीब 1000 होती है। इन्हें तैयार करने के लिए कोई कमेटी नहीं होती। प्रोफेसर्स को व्यक्तिगत तौर पर एक-एक पेपर की जिम्मेदारी दी जाती है।
आगे क्या: यदि एग्जाम कमेटी के निर्णय पर निर्भर करता है। कमेटी पेपर को रिपीट मानती है तो पेपर निरस्त हो सकता है।