कोटा। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के शिक्षकों का प्रमोशन अब कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम से होगा। राज्य सरकार द्वारा छठा वेतन आयोग लागू करने के बाद शिक्षकों का प्रमोशन 2007 से रुका हुआ था। 2007 के बाद से यूनिवर्सिटी के विभिन्न पदों पर सीधी भर्तियां ही हुई थी। अब असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के प्रमोशन हो पाएंगे।
यह निर्णय मंगलवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बोम) की मीटिंग में लिया गया। बाेम की 20वीं बैठक की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के वीसी एसएन व्यास ने की। इस अवसर पर विधायक प्रहलाद गुंजल और भवानीसिंह राजावत कर्मचारियों के पेंशन के मुद्दे को राज्य सरकार के सामने रख समाधान का आश्वासन दिया।
बोम में निर्णय हुआ कि शिक्षकों के प्रमोशन में राज्य सरकार के नियमों का पालन किया जाएगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शिक्षकों के पंजीयन के साथ-साथ आने-जाने का किराया भी दिया जाएगा।
मीटिंग में रैगिंग और यौन उत्पीड़न की गाइडलाइन का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में विभिन्न विषयों में 91 पदों पर शिक्षकों की भर्ती और 39 अशैक्षणिक पदों पर प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। परीक्षा कार्य में लगे शिक्षकों को दिए जाने वाली राशि प्रति सेमेस्टर 30 हजार से बढ़ाकर 45 हजार करने का भी निर्णय हुआ।
अनुसंधान केंद्र खुलेंगे
मीटिंगमें यूनिवर्सिटी के अनुसंधान केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। ये अनुसंधान केंद्र वहीं खोले जाएंगे, जहां शोध संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होगी। ऐसे संस्थानों को यूनिवर्सिटी सेमिनार, रिसर्च और ट्रेवल ग्रांट भी देगी।
एक साल का रहेगा प्रोबेशन पीरियड
राज्य सरकार के कर्मचारियों के तरह ही यूनिवर्सिटी में नवनियुक्त शैक्षणिक अशैक्षणिक कर्मचारियों को प्रोबेशन काल भी अब एक साल करने की सिफारिश की गई है। बैठक में वर्तमान में हुए इंटरव्यू के बाद नियुक्ति दिए जाने का अनुमोदन किया गया।
इन चार विभागों को मिली राहत
शिक्षकों के नियुक्ति के प्रस्ताव पारित करने से यूनिवर्सिटी के चार विभागों को राहत मिलेगी। मैथ्स, नैनो टेक्नोलॉजी, एयरोनॉटिकल और पेट्रोलियम विभाग फैकल्टी की कमी से परेशान था। अब इस विभाग के स्टूडेंट्स को बेहतर शिक्षा मिल पाएगी।