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किशोर ने खुद गढ़ी थी अपने अपहरण की झूठी कहानी
खातौलीइलाके से लापता हुए बालक का किसी ने अपहरण नहीं किया था, बल्कि वह खुद ही घर से चला गया था। उसने ही फिरौती के मैसेज किए। कोटा ग्रामीण पुलिस टीम को वह बठिंडा स्टेशन पर अकेला घूमता मिला। उसने पहली बार में पुलिस को 5 लोगों द्वारा अपहरण की बात कही थी, लेकिन बाद में खुद ही आने की बात कह रहा है। उसके पास से मोबाइल भी बरामद हो गया है। पुलिस टीम किशोर को लेकर खातौली के लिए रवाना हो गई है। देररात तक वे खातौली पहुंचेगी।
आईजी डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि बाबूलाल बैरवा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका पुत्र ओमप्रकाश (15) कोचिंग गया था, जो लौटकर नहीं आया। शाम को बालक के ही मोबाइल से उसके चचेरे भाई के मोबाइल पर 2 लाख रुपए की फिरौती के लिए मैसेज आया। इसके बाद इसी तरह का 2 बार और मैसेज आया, तो परिजनों के होश उड़ गए। इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय तरीके से परिजनों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों, बालक के मित्रों, स्कूल और कोचिंग के शिक्षकों से पूछताछ की गई। तकनीकी संसाधनों से पता चला कि बालक जोधपुर में ट्रेन में है। इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन नागौर, नोखा, बीकानेर, लूणासर को सूचना देने के साथ संबंधित जिला पुलिस एवं जीआरपी की मदद ली। गठित टीमों ने संबंधित ट्रेनों को देर रात से चैक किया। गुरुवार सुबह बठिंडा रेलवे स्टेशन पर ओम अकेले घूमते मिला। पुलिस टीम उसे लेकर कोटा के लिए रवाना हो गई है। उसने यही बताया है कि वह खुद ही गया था। परिजनों ने भी बताया कि वह पहले भी ऐसा कर चुका था। हालांकि उसने पहले 5 लोगों द्वारा अपहरण की बात कही थी। उसने जीप द्वारा लाना बताया था, लेकिन पुलिस को ऐसा कुछ नहीं मिला। उसकी लोकेशन हमेशा ट्रेन की रही थी। हालांकि अभी उससे ज्यादा पूछताछ नहीं की गई है।
टीमकी सूझबूझ से मिला बालक
पुलिसअधीक्षक राजेंद्र द्वारा एएसपी पवन कुमार जैन के निर्देशन में डीएसपी इटावा रामस्वरूप मीणा के नेतृत्व में थानाधिकारी खातौली मुकेश मीणा, एएसआई पीर मोहम्मद, अजीत मोगा, कांस्टेबल भंवरलाल विपुल चौधरी को टीम में शामिल कर विशेष टीम का गठन किया। टीम ने उसके मोबाइल की लोकेशन और अन्य सावधानियां बरते हुए वहां तक पहुंच गई।