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मुझको तो मिल गए नबी, सैलानी तेरे इश्क से...
कोटा. 108वेंजश्न-ए-सैलानी उर्स के मुबारक मौके पर शनिवार को जोहर की नमाज के बाद अधरशिला से सैलानी सरकार की चादर शरीफ का जुलूस रवाना हुआ। इसमें हाड़ौती से आए अकीदतमंदों ने शिरकत की।
जायरीन नात-ए-पाक दुरूद शरीफ पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलूस वक्फ बोर्ड, किशोरपुरा होता हुआ खानगाह सैलानी भट्टजी घाट पाटनपोल पहुंचा। शहरवासियों ने जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया। जुलूस के दौरान मेरा यार बादशाह है मुझे कोई गम नहीं, मुझको तो मिल गए नबी.... सैलानी तेरे इश्क से, खुशबू की महकार सैलानी सरकार, मुझ पर हो करम सरकार तेरा, सैलानी तेरा दरबार है सागर सरीखी कव्वालियां गूंजती रहीं। जुलूस मार्ग पर सबीलें लगाकर शरबत, हलवा, खीर बांटी गई। खिदमतगार अज्जी भाई ने बताया कि जुलूस में 51 चादर शामिल थीं, जो खानगाह सैलानी में पेश की गईं। जायरीनों ने देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
जम्मू-कश्मीर में आई प्राकृतिक आपदा जल्द दूर होने की दुआ की। क्षेत्रवासी जाहिद भाई ने बताया कि चादर शरीफ के साथ फातेहा शिजराख्वानी पेश की गई। लंगर तकसीम किया गया। सोनू अब्बासी और मुबारिक भाई ने बताया कि हाजी अब्दुल रहमान सैलानी सरकार के उर्स पर रविवार को इशा की नमाज के बाद महफिल-ए-कव्वाली होगी। जिसमें कव्वाल अब्दुल लतीफ हैरां, अब्दुल राजिक हैरां जलगांव (महाराष्ट्र) और अब्दुल वाहेद नादा कटोरा बाजार (महाराष्ट्र) हुजूर की शान में कलाम पेश करेंगे।
अधरशिला में सैलानी सरकार के चादर के जुलूस में शामिल अकीदतमंद।