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10 साल में 74 वन्यजीवों की मौत शिकार का सिर्फ एक मामला

7 वर्ष पहले
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मुकंदराहिल्स टाइगर रिजर्व में पिछले सालों में अब तक 74 वन्यजीवों की मौत हुई है। जबकि एक जंगली सुअर का शिकार किया गया है। सूचना के अधिकार में मांगी जानकारी में सबसे अधिक दरा में 36, जवाहर सागर में 11 और कोलीपुरा में 27 वन्यजीवों की मौत हुई है। ट्रेन सड़क हादसों के अलावा कुत्तों के हमले, पानी में डूबने, स्वाभाविक और बीमारी से भी वन्यजीवों की मौतें हुई हैं।

विभाग की ओर से दी गई जानकारी में कोलीपुरा में 3 दिसंबर 2008 को जंगली सुअर के शिकार का मामला बताया है। रिजर्व एरिया में सड़क हादसों और शिकार में कई अन्य वन्यजीवों की मौतें हुई है, लेकिन विभाग ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी।

पानीमें डूबने से मरे थे तीन सांभर

जून2010 में रिजर्व के दरा एनिकट में पानी में डूबने से तीन सांभर की मौत हो गई थी। वहीं, जवाहर सागर में कुएं में गिरने से जंगली सुअर ने भी दम तोड़ दिया था।

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मुकन्दरा राष्ट्रीय उद्यान का ऑफिस। जहां 10 साल में वन्यजीवों के मौत के मामलों का रिकार्ड रखा है।