दूसरों से नहीं अपनों से रहें सावधान
जुबां से नहीं अंतर्मन से क्षमा मांगनी चाहिए
जैनसमाज की ओर से चल रहे चातुर्मास की शृंखला में रिद्धि-सिद्धि नगर और महावीर नगर प्रथम स्थित दिगंबर जैन मंदिर में क्षमावाणी पर्व मनाया। जिसमें समाजबंधुओं ने सालभर में हुई गलतियों के लिए एक-दूजे से क्षमा मांगी।
रिद्धि-सिद्धि नगर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी के सानिध्य में समारोह हुआ। उन्होंने कहा कि क्षमाभाव अंतर्मन से होना चाहिए, जुबान से नहीं। विज्ञान ने भी मान लिया है कि व्यक्ति के मन में क्षमा भाव होना चाहिए। विधायक प्रहलाद गुंजल ने क्षमा को वीरों का आभूषण बताया। सकल दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष राजमल पाटौदी, अध्यक्ष सुरेश गाैहिल्य, महामंत्री ऋषभ गोधा ने भी संबोधित किया। समारोह में मुनि विश्वनाथ सागरजी महाराज का सानिध्य भी रहा।
100यूनिट हुआ रक्तदान नेत्रदान संकल्प-पत्र भरे
यहांलगे शिविर में 100 यूनिट रक्तदान हुआ। 21 महिला-पुरुषों ने नेत्रदान संकल्प पत्र भरे। सांस्कृतिक मंत्री पारस जैन ने बताया कि सम्मान समारोह में 33 दशलक्षण, 8 सोलह कारण और एक पंच मेरु उपवास करने वाले श्रावक-श्राविकाओं को नवाजा गया।
महावीर नगर जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं, कुन्हाड़ी जैन मंदिर में हाथ जोड़कर एक दूसरे से क्षमा याचना करते हुए।
सुधासागर महाराज