हिन्दी की दशा और दिशा पर डाला प्रकाश
कोटा| हिन्दीदिवस पर शहर में विचार गोष्ठी, निबंध प्रतियोगिता सहित कई आयोजन हुए। वक्ताओं ने कविताओं के माध्यम से हिन्दी की दशा दिशा पर प्रकाश डाला।
राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय में हुई काव्य गोष्ठी खुली चर्चा में मुख्य अतिथि कवि अंबिकादत्त चतुर्वेदी ने कहा कि हिन्दी भाषा विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय है। अध्यक्षता करते हुए राजभाषा स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर प्रबंधक रजनीश कुमार यादव ने हिन्दी की संवैधानिकता पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि कवि महेंद्र नेह ने प्रकृति के साथ हो रहे बर्ताव और उसके परिणाम पर काव्य पाठ किया।
इस दौरान पुस्तकालय प्रभारी डॉ. दीपक कुमार यादव, कवि अब्दुल शकूर अनवर, डॉ. अतुल चतुर्वेदी, डॉ. ओम नागर, सलीम आफरिदी, कृष्णा कुमारी, अखिलेश अंजुम, चांद शेरी, प्रो. हितेश व्यास सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार मौजूद रहे। संयोजिका शशि जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। सारंग साहित्य समिति की ओर से नंदकिशोर शर्मा की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी हुई। हनफिया कुतुबखाने पर हिन्द एकता मंच की ओर से पूर्व पार्षद उमर सीआईडी की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया। स्काउट-गाइड की ओर से रैली निकाली गई।
हिन्दीजीवन मूल्य संस्कृति की भाषा है: उत्कर्षसंस्था की ओर से हिन्दी भाषा और समाज पर हिन्दी भाषा की संभावना पर परिचर्चा हुई। इसमें डॉ. नरेंद्रनाथ चतुर्वेदी, डॉ. आदित्य गुप्ता, डॉ. कंचना सक्सेना, कवि साहित्यकार हितेश व्यास, कवि महेंद्र नेह ने हिन्दी की उपयोगिता बताई।
कोटाविश्वविद्यालय में हुई प्रतियोगिता: कोटाविश्वविद्यालय में निबंध, कविता लेखन प्रतियोगिता हुई। केंद्रीय पुस्तकालय के उप पुस्तकालयाध्यक्ष डा. अन्ना कौशिक ने बताया कि प्रतियोगिताओं में विभिन्न संकाय के छात्र -छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अवधेश पारीक, ज्योति जादौन, पायल दीक्षित, छात्र संघ अध्यक्ष सुरेश सुवालका सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
नयापुरा में रविवार को हिन्दी दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल प्रबुद्धजन।