कोटा. ट्रोमा यूनिट को शुरू करने के लिए जूझ रहे न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दोपहर दो बजे बाद किसी का एक्सरे नहीं किया जा सकता। इसका कारण इमरजेंसी में दो बजे के बाद टेक्नीशियन की कमी को बताया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनने के बाद से ही ऐसे हालात हैं। ऐसे में मरीजों के परिजनों को निजी क्लीनिक जाकर कम से कम 100 से 125 रुपए खर्च करके एक्सरे करवाना पड़ रहा है।
प्रतिदिन औसतन दो से तीन एक्सरे इस कारण बाहर हो रहे हैं। वहीं टेक्नीशियन नहीं होने से मरीजों के परिजनों के गुस्से का सामना ड्यूटी पर मौजूद रेजीडेंट डॉक्टर्स को करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इमरजेंसी के बाद भी एक्सरे की सुविधा मिल रही है।