पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • लोंगिया ग्रस्त खेत में धनिए की फसल नहीं बोने की सलाह

लोंगिया ग्रस्त खेत में धनिए की फसल नहीं बोने की सलाह

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोटा| आगामीदिनों में बोई जाने वाली धनिए की फसल को लेकर कृषि विभाग ने किसानाें के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि जिन किसानो के खेतों में लोंगिया रोक लगा था, उन खेतों में दो से तीन साल तक धनिए की फसल नहीं करें। इसके साथ ही लोंगिया ग्रस्त खेत में पैदा होने वाले धनिए के बीज का उपयोग नहीं करें। इससे किसानों को नुकसान हो सकता है।

उपनिदेशक रामनिवास पालीवाल ने बताया कि धनिया की फसल नकदी फसल है, जिसकी बुवाई किसान हर क्षेत्र में करते हैं। जिले में ही 35 से 40 हजार हैक्टेयर में धनिए की फसल बोई जाती है। पिछली बार नवंबर-दिसंबर में बरसात होने से धनिए को नुकसान हुआ था, इसमें लोंगिया रोक लग गया था। जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ा था। इस बार किसानों को बुआई से पहले ही इस बारे में सतर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रकोप से फसल उत्पादन के साथ दाने की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। इसलिए बीज को बुवाई से पूर्व कार्बेन्डाजिम 0.75 ग्राम प्लस थाईरम 1.5 ग्राम अथवा 3 ग्राम थाईरम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। लोंगिया ग्रसित रोगी खेत का बीज बुवाई में काम नहीं लें। खड़ी फसल में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर बेलेटोन 1 ग्राम या केलेक्सीन एक एमएल या 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें। आवश्यकता होने पर यह छिड़काव 15 से 20 दिन में दोहराया जा सकता है।

समाजसेवा शिविर 1 से : स्काउटगाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण की ओर से 1 अक्टूबर से दशहरा मेला परिसर में समाज सेवा शिविर लगाया जाएगा। यह जानकारी संघ सचिव प्रकाश जायसवाल ने दी है।