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छोटी सी गलती से दोगुनी हो गई मकान की कीमत
कोटा| आवासनमण्डल की एक छोटी से गलती ने मकान की कीमत दोगुनी कर दी। स्वामी विवेकानंद निवासी एक व्यक्ति को सूचना के अधिकार के तहत बताया कि उसके मकान की कीमत ढाई लाख है, जबकि डिमांड नोट में उससे 5 लाख 63 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। जब इसकी शिकायत की तो बताया गया कि यह टंकण की त्रुटि से हुआ है।
स्वामी विवेकानंदनगर निवासी उमाशंकर सक्सेना ने आवासन मंडल में उच्च आयवर्ग के लिए आवेदन किया था, तब मकान की लागत 1.25 लाख रुपए बताई गई थी। उन्हें 31 अक्टूबर 2002 को मंडल की ओर से आवंटन पत्र भेजा गया, जिसमें मकान की कीमत 5 लाख 63 हजार 500 रुपए बताई गई। उन्होंने इस पर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो विभाग ने उन्हें बताया कि वहां पर ढांचा मकानों की कीमत ढाई लाख रुपए आई। इस पर उन्होंने मुख्य सूचना अयुक्त के यहां अपील की कि उनसे मकान की कीमत अधिक मांगी जा रही है। इसके बारे में पूरी जानकारी भी नहीं दी जा रही। इस पर मुख्य सूचना अधिकारी टी श्रीनिवासन ने स्पष्ट आदेश दिया कि आवासन मंडल से अपीलार्थी स्पष्ट सूचना पाने का अधिकारी है। इसके बाद मंडल की ओर से बताया गया कि पहले जो ढाई लाख रुपए मकान की कीमत बताई गई थी, वह टंकण के त्रुटि के कारण अंकित हो गई। मकान की कीमत 5.63 लाख ही है। इस बारे में उप आवासन आयुक्त एसके सिंघल ने कहा कि मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। वे इसकी जानकारी करेंगे, उचित निर्णय लिया जाएगा।