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कमजोर मांग से मसूर दाल में गिरावट के आसार

7 वर्ष पहले
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ग्राहकीकमजोर होने से मसूर का स्टॉक घटने के बावजूद मसूर दाल में गिरावट के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं। वर्तमान में देशी-विदेशी मसूर का स्टॉक अधिक नहीं हैं, लेकिन मुंबई में गत एक पखवाड़े में 60 कंटेनर मसूर उतरने से कीमतों में 100 रुपए की नरमी दर्ज की गई है। यही कारण है कि इस समय मसूर दाल 5850 रुपए एवं बिना दाल वाली कनाडा की मसूर 5950 रुपए प्रति क्विंटल पर गई है। ऊपर में इसका व्यापार 6050 रुपए हो गया था। जानकारों के मुताबिक दिल्ली सहित मध्य प्रदेश के सागर, मुंगावली, गंज बासौदा, भोपाल एवं बीनागंज सहित उत्तर प्रदेश, बिहार की मंडियों में भी छोटी मोटी मसूर का स्टॉक अधिक नहीं है। सितंबर शिपमेंट की मसूर अगले महीने से आने लगेगी। इसे देखते हुए मसूर में लंबी तेजी के आसार नहीं हैं। यहां बाजार 200 रुपए तक और घट सकता है, क्योंकि एक तरफ दाल मलका की बिक्री 40 प्रतिशत रह गई है, वहीं अक्टूबर के महीने से कनाड़ा के माल का दबाव एवं हरी सब्जियां भी धीरे-धीरे आने लगेंगी। छोटी मसूर में तेजी को देखते हुए कोटा, बूंदी, झालावाड़, भवानीगंज एवं उत्तर प्रदेश के गोंडा, बहराइच एवं बिहार के फतुहां, पटना, बिहार शरीफ, जहानाबाद, मसाढ़ एवं अरवल सहित अभी सभी मंडियों में स्टॉकिस्ट माल रोके हुए हैं। वे माल भी एक पखवाड़े बिक्री कमजोर होने पर घबराहट में निकलने लगेंगे। इन सारी परिस्थितियों को देखते हुए अक्टूबर में तेजी की संभावना नहीं है।











एक पखवाड़े के अंतराल में कनाड़ा में मसूर सितंबर शिपमेंट के भाव 835 से बढ़कर 915 डॉलर तक पहुंच गए थे, लेकिन इन भाव में ग्राहकी ठंडी पड़ जाने से भाव फिर 900 डॉलर प्रति टन पर गए हैं। डॉलर भी इस बार कई दिनों से टिका हुआ है। इन हालातों से बाजार थोड़ा दब सकता है।