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मिलावटी चीजों की जांच रिपोर्ट में लग रहे 30 से 95 दिन

7 वर्ष पहले
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खाद्यपदार्थों में मिलावट की जांच के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट 14 दिन की बजाय 30 से 95 दिन में रही है। इसकी वजह को लेकर अधिकारी दलील दे रहे हैं कि फूड एनालिस्ट केमिकलों की कमी और सैंपलों की संख्या बढ़ रही है। पूरे राजस्थान में खाद्य पदार्थों के 450 सैंपलों की जांच पेंडिंग है, जिनमें अकेले जयपुर से 250 सैंपल हैं, जिसका फायदा मिलावटखोर उठा रहे हैं। ुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (जयपुर प्रथम) डॉ.ओपी ठाकन का कहना है कि नियमानुसार लैब की रिपोर्ट 14 दिन में आनी चाहिए, लेकिन पिछले कुछ समय से लैब प्रभारी द्वारा जांच रिपोर्ट की अवधि बढ़ाने की सूचना मिल रही है। सेन्ट्रल पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री जयपुर के चीफ फूड एनालिस्ट नवीन माहेश्वरी का कहना है कि हमारे पास उपलब्ध संसाधनों से अच्छा काम कर रहे हैं। फूड सेफ्टी स्टेंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया नई दिल्ली की ओर से राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को फूड सेफ्टी एक्ट (5 अगस्त 2011 से लागू) की पालना के लिए मीट, शराब, फल एवं सब्जियों के सैंपल लेना, वेंडर जोन बनाना, जयपुर लैब का अपग्रेडेशन करके एनएबीएल से मान्यता दिलाना, फूड एनालिस्ट की भर्ती, वेबसाइट बनाना, फूड ट्रिब्यूनल का गठन करना आदि निर्देश दिए गए थे, लेकिन इनमें से किसी की भी पालना नहीं हो रही।

एक्टमें खामी : खाद्यसुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 विनियम 2011 के अनुसार, खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट 14 दिन में जानी चाहिए। हालांकि एक्ट में खामी रहने के कारण किसी भी लैब का प्रभारी संबंधित अधिकारी से जांच रिपोर्ट देने की अवधि बढ़ा सकता है।

एकफूड एनालिस्ट, काम दो-दो जगह : जोधपुरका फूड एनालिस्ट जोधपुर जयपुर तथा अजमेर का अजमेर उदयपुर दो-दो जगहों पर काम कर रहा है। अलवर कोटा स्थित लैब में केमिकल नहीं होने के कारण जांच का काम अटक हुआ है।

अनसेफ सैंपल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

अनसेफसैंपल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक छह लैबों में लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच रिपोर्ट में इस साल अब तक 136 सैंपल अनसेफ पाए गए है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जयपुर में 22 सैंपल अनसेफ मिले हैं।

जांचरिपोर्ट देरी से मिलना गंभीर मामला

छहलैब हैं, िफर भी जांच रिपोर्ट देरी से मिलना गंभीर है। हैल्थ साइंस यूनिवर्सिटी फूड एनालिस्ट के पदों पर की जा रही भर्ती का मामला कोर्ट में ह