पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 7 साल का अनुभव, तो सिपाही से सीधे सब इंस्पेक्टर

7 साल का अनुभव, तो सिपाही से सीधे सब-इंस्पेक्टर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोटा/ जयपुर। पुलिस कांस्टेबलों के लिए खुशखबर है। पुलिस मुख्यालय ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती नियमों में संशोधन कर प्रस्ताव बनाए हैं। इनके तहत अब कांस्टेबल सीधे विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर सब-इंस्पेक्टर बन सकेंगे। परीक्षा में वे ही कांस्टेबल हिस्सा लेंगे, जिनको 7 साल का अनुभव हो और बेदाग छवि हो। इसके लिए डीजीपी ओमेन्द्र भारद्वाज ने एडीजी जसवंत संपतराम को प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले कांस्टेबलों को हैड कांस्टेबल बनने के लिए भी वरिष्ठता के आधार पर विभागीय परीक्षा में शामिल होना पड़ता था, लेकिन अब हैड कांस्टेबल परीक्षा में कोई भी सिपाही शामिल हो सकता है।
20% पद भरे जाएंगे कांस्टेबलों से
नए नियमों के तहत सब-इंस्पेक्टर के 20% पद विभागीय परीक्षा से भरे जाएंगे, जबकि 40% पदोन्नति और शेष 40% आरपीएससी परीक्षा से भरे जाएंगे। इससे पहले 60% पद आरपीएससी और 40% पदोन्नति से भरे जाते थे।

2191 सब-इंस्पेक्टरों के पद खाली : पुलिस में सब-इंस्पेक्टरों के 4,365 पद हैं, जबकि तैनात 2,174 हैं। प्रदेश में अभी 2,191 सब-इंस्पेक्टरों के पद खाली हैं।
'जल्द ही नियमों में संशोधन कर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। योजना के तहत 7 साल का जिस सिपाही को अनुभव होगा, वे सीधे सब-इंस्पेक्टर की विभागीय परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।' - ओमेन्द्र भारद्वाज, डीजीपी