कोटा। एमबीबीएस में अगले साल से इबोला, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा। इन बीमारियों की पहचान के साथ इलाज के बारे में स्टूडेंट्स को बताया जाएगा। वहीं पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल जांचों के बारे में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में जानकारी मिलेगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया अगले साल से पाठ्यक्रम में बदलाव कर नए टॉपिक्स को शामिल करने वाली है। फिलहाल एमबीबीएस में माइक्रोबॉयोलॉजी में इनके कुछ अंश ही शामिल हैं। अब विस्तृत तरीके से इनको सिलेबस में शामिल किया जाएगा। इन बीमारियों का विस्तृत अध्ययन पीजी में ही करवाया जाता है।
यह है एमसीआई की मंशा
गंभीर बीमारियों का गहन इलाज अभी मेडिकल कॉलेज में ही होता है। वहीं जिला अस्पताल में कार्यरत एमबीबीएस डॉक्टर्स को इन बीमारियों के इलाज की अधिक जानकारी नहीं होती। ऐसे में केस को मेडिकल कॉलेज और अन्य उच्च सेंटर्स पर ट्रांसफर करना पड़ता है। एमसीआई की मंशा है कि ऐसी बीमारियों के मरीजों को जल्द ही चिह्नित करके उनका शुरुआती इलाज जिला अस्पताल में ही शुरू हो जाए।
यह होगा फायदा| मेडिकल कॉलेज कोटा के एकेडमिक प्रभारी डाॅ . नरेश राय के अनुसार इस बदलाव से काफी फायदा मिलेगा। शुरुआती इलाज सही होने के बाद अगर पेशेंट को मेडिकल कॉलेज रैफर भी किया जाता है तो उसका बेहतर तरीके से इलाज हो पाएगी। अभी भी कुछ चैप्टर एमबीबीएस के पाठ्यक्रम शामिल जरूर हैं।