- Hindi News
- खुद का गम भूलकर दूसरों का दर्द कम करने में जुटे एचआईवी संक्रमित दंपती
खुद का गम भूलकर दूसरों का दर्द कम करने में जुटे एचआईवी संक्रमित दंपती
बेटे ने कहा था: पापा मेरे जैसे बच्चों को यहीं ले आओ
दोनोंपति-प|ी 12 साल से एचआईवी से संक्रमित हैं, लेकिन भाग्य को कोसने या समाज से मुंह छिपाने की बजाय उन्होंने अपने जैसों की मदद के लिए जिंदगी समर्पित कर दी। जो मासूम छोटी उम्र में ही इस संक्रमण की गिरफ्त में चुके हैं और देखरेख करने वाला कोई नहीं है, ऐसे बच्चों को ये दंपती पाल रहे हैं। इनके पास फिलहाल 16 बच्चे हैं। साथ ही संभाग के 950 एचआईवी संक्रमित लोगों को इलाज और दूसरों को संक्रमित किए बिना जिंदगी जीने के तरीके बता रहे हैं।
कानूनी रूप से एचआईवी पॉजीटिव व्यक्ति का नाम और उसकी पहचान गुप्त रखी जाती है, लेकिन कोटा के नयापुरा निवासी सुरेश जैन और उनकी प|ी को इससे कोई आपत्ति नहीं है। एचआईवी की भ्रांतियों को दूर करने के लिए उन्होंने खुद के फोटो के साथ संदेश देने वाले पैम्फलेट्स प्रकाशित करवा रखे हैं। उनके फोटो और नाम का उपयोग करने के लिए वे खुद परमिशन देते हैं। जैन बताते हैं कि जब उन्हें अपने संक्रमित होने का पता चला तो हाड़ौती नेटवर्क फोर पीपुल लिविंग विद एचआईवी संस्था के जरिए लोगों को जागृत करने निकल पड़े।