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केस ऑफिसर स्कीम के तहत होगी झूठे मामलों की जांच
कोटा| पुलिसको गुमराह करने के लिए झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने वालों के खिलाफ दर्ज होने वाले मामलों की जांच अब पुलिस केस ऑफिसर स्कीम के तहत करेगी। पुलिस अब तक ऐसे मामलों में मुकदमा तो दर्ज करती थी, लेकिन सामान्य जांच करके मामले को कोर्ट में पेश किया जाता था। अब पुलिस फरियादी द्वारा दर्ज करवाया गया मामला झूठा पाया जाने पर मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेगी और जांच शुरू करेगी। केस ऑफिसर स्कीम में जांच करने के बाद भी मामला झूठा पाया गया तो न्यायालय में झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के खिलाफ इस्तगासे के आधार पर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। पीएचक्यू से आए आदेश के बाद शहर के सभी थानों में ऐसे झूठे मामलों की छंटनी का काम शुरू हो चुका है। सभी थानों को टारगेट दे दिया गया है। हर जिले से ऐसे मामलों को चिह्नित करके पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई तेज करेगी।
पुलिसको मिलेगी राहत: पुलिसअधिकारियों ने बताया कि आपसी रंजिश और विवाद वाले मामलों में अधिकतर झूठे मामले दर्ज करवाने का चलन धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। ऐसे मुकदमे दर्ज करवाने के बाद अनावश्यक पुलिस परेशान होती है। जांच में समय और मैन पावर दोनों की बर्बादी होती है। ऐसे मामलों में फरियादी बाद में आरोपी के साथ समझौता कर लेता है और केस वापस भी ले लेता है। ऐसे में पुलिस पुराने लंबित मामलों में जांच करने के बजाए नए मामलों में फंसकर रह जाती है। पुलिस को गुमराह करने वालों पर मुकदमा दर्ज होने से पुलिस को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
^झूठेमुकदमे दर्ज करवाने पर पुलिस पहले भी 182/211 में मुकदमा दर्ज करती थी। अब पुलिस हेडक्वार्टर से आदेश मिलने के बाद ऐसे मुकदमों को केस ऑफिसर स्कीम में डालकर जांच की जाएगी। उसके बाद थाने द्वारा न्यायालय में मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। -शांतनुकुमार, एएसपी