साक्षी श्री का जन्मोत्सव मनाया
सभी को साथ लेकर चलने पर ही होगा समाज का विकास
राष्ट्रीयकायस्थ महापरिषद राजस्थान कायस्थ महासभा का रविवार को एक निजी होटल में वार्षिक अधिवेशन हुआ। इसमें विवाह समारोह में फिजूलखर्ची पर रोक, सामूहिक विवाह परिचय सम्मेलन को बढ़ावा देने सहित समाजहित में कई अहम फैसले लिए गए। इस दौरान जयपुर में 2015 में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
कायस्थ महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद कुमार संभव ने कहा कि कायस्थ जाति नहीं, चरित्र संस्कृति है। समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने पर ही समाज विकास कर सकेगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजस्थान प्रभारी ओपी माथुर ने कहा कि समाज में होने वाले विवाह के दौरान फिजूल खर्ची दहेज सरीखी कुप्रथाओं पर सख्ती से पाबंदी लगनी चाहिए।
अधिवेशन को सह सभापति जुगल किशोर माथुर, कानपुर के सहप्रभारी केएम श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव कल्पना भटनागर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरिहर प्रसाद, अनिल माथुर, मनमोहन सक्सेना, दिनकर वर्मा, श्रवण कुमार सहाय, कैलाश माथुर, अटल गौड़, राज सक्सेना, दिनेश भटनागर, आनंद श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अर्चना सक्सेना, ओपी सक्सेना, दामोदर प्रसाद माथुर आदि ने भी संबोधित किया। संचालन पंकज मोहन सक्सेना ने किया।
कोचिंगबच्चों के लिए बनेगी निगरानी समिति : एलबीएसग्रुप के चेयरमैन कुलदीप माथुर ने कहा कि देशभर से कायस्थ समाज के बच्चे कोटा में कोचिंग के लिए आते हैं। उनकी देखभाल के लिए समाज के 11 सदस्यों की कमेटी बनाई जाए, इस पर सभी ने सहमति दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही समाज के बच्चों को हास्टल सहित अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराने के प्रयास होंगे।
राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद राजस्थान कायस्थ महासभा के वार्षिक अधिवेशन में बोलते वक्ता मंचासीन अतिथि।