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प्रतिबंधित जिले िरजल्ट में आगे, साक्षरता में पीछे

7 वर्ष पहले
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प्रतिबंधितजिलों के मामले में भले ही राज्य सरकार दोहरा रवैया अपना रही हो, लेकिन इन 10 जिलों में कई जिले तो बोर्ड परीक्षा परिणाम में सामान्य जिलों से भी आगे हैं।

यही नहीं बोर्ड के औसत परिणाम को भी कुछ जिलों ने पीछे छोड़ दिया है। यहां तक की जयपुर, कोटा जैसे शहरों का परिणाम में कुछ जिलों से काफी कम है। हालांकि 2011 के आंकड़ों के अनुसार इन 10 जिलों में से 8 जिले साक्षरता में प्रदेश के अन्य जिलों से पिछड़े हुए हैं। इस मामले में बारां, बीकानेर ने अन्य सामान्य जिलों को काफी पीछे छोड़ रखा है। यहां तक की सिरोही जैसे स्कूलों के परिणाम ने अचंभे में डाल िदया है।

जिला साक्षरता दर स्थान

बाड़मेर57.4929

बांसवाड़ा 57.2030

प्रतापगढ़, 56.3031

सिरोही 56.0232

जालौर 55.5833

} रिक्त पदों को सरकार तुरंत भरे। यहां नौकरी करने वालों को एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि डार्क जोन भत्ता दिया जाए।

} इन जिलों में लगे शिक्षकों को एक दूसरे के स्थान पर तबादले की छूट दी जाए।

} आंकड़े रिवाइज हों,कुछ जिलों की साक्षरता परिणाम अन्य जिलों से अच्छा है।

जिला साक्षरता दर स्थान

बारां67.3413

बीकानेर 65.9217

झालावाड़ 62.1326

डूंगरपुर 60.7827

जैसलमेर 58.0428

जयपुर कोटा का यह रहा है परिणाम (% में)

जिला10वीं कला वाणिज्य विज्ञान

जयपुर6983.8691.76 82.84

कोटा 5881.0788.33 75.21

10 प्रतिबंधित जिलों में से 8 जिले (2011 की जनगणना के आधार पर)

जिला दसवीं कला वाणिज्य विज्ञान

बांसवाड़ा5171.4186.14 96.17

बाड़मेर 7378.0593.51 85.48

बीकानेर 6880.0592.71 80.52

डूंगरपुर 5266.1295.69 79.07

जैसलमेर 6970.3093.33 86.25

जालौर 7282.7494.35 81.00

झालावाड़ 6686.8388.48 78.25

सिरोही 6177.4683.86 82.79

बारां 5688.5491.41 71.50

प्रतापगढ़ 4767.8980.38 44.49

कुल66.46 82.08 90.36 80.45

यह दिए सुझाव

}रोटेशन प्रणाली लागू करके हर शिक्षक के लिए इन जिलों में 2 से 5 साल तक नौकरी करना अनिवार्य किया

भास्कर में खबर प्रकािशत होने के बाद िशक्षकों ने बयां की दास्तां

दैनिकभास्कर में गुरुवार के अंक में तबादले की दो नीतियां, जिससे 10 जिलों में नौकरी मतलब काला पानी शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद इन जिलों में कार्यरत शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने 1400 से अधिक फोन कॉल्स 60