पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जीवन में सुखी रहना है तो झुकना सीखो

जीवन में सुखी रहना है तो झुकना सीखो

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जीवन में सुखी रहना है तो झुकना सीखो

कोटा| जीवनमें धर्म मार्ग पर चलने से आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। साधु संत में साधना का भाव जरूरी है, जिसमें साधना नहीं, वो साधु नहीं हो सकता। यह बातें शुक्रवार को वाराणसी के कथावाचक आचार्य पं. मुद्रिका प्रसाद मिश्र ने कहीं, वह श्रीराम रंगमंच पर चल रही रामकथा के दूसरे दिन प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि झुकना इंसान की और अकड़ना मुर्दों की पहचान है। झुकने से इंसान छोटा-बड़ा नहीं होता। शास्त्र भी कहते हैं कि जो झुकता है वही बड़ा होता है। इसलिए अगर जीवन में सुखी रहना है तो झुकना सीख लो। शनिवार को भी रामकथा दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक होगी।