रामगंजमंडी/मोड़क गांव/कोटा. दराअभयारण्य के जिन ढाबों को हटाने के लिए वन विभाग बार-बार और विभागों पर टाल रहा था, उन्हें बुधवार को हटा दिया गया। माना जा रहा है कि सरकार के कोटा आने की तैयारी में यह कार्रवाई की गई है। बुधवार को 5 घंटे चली कार्रवाई में कब्जे हटाए गए। इस दौरान कार्रवाई करने गई टीम पर पथराव भी किया गया, जिसमें तीन अधिकारियों सहित पांच जनों को चोट लगी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में जयपुर में स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। नेशनल हाइवे-12 के किनारे वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुबह 5 से 10 बजे तक कार्रवाई की। इसके बाद तुरंत ही सड़क के दोनों ओर खाई भी बना दी, जिससे वाहन इन ढाबों तक नहीं पहुंच पाएं।
मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में छह ढाबे और कुछ दुकानें लंबे समय से लगी थीं। इनको पहले नोटिस भी जारी किए गए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए पहले अधिकारियों ने समझाइश की, लेकिन बात नहीं बनी। यहां भीमा गुर्जर का ढाबा हटाने के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया। इस दौरान दरा गांव निवासी रामफूल वन विभाग की जीप से टकरा गया और घायल हो गया। यह देख वहां लोगों ने टीम पर करीब पांच मिनट तक पथराव किया। स्थिति काबू करने के लिए पुलिस ने लोगों को खदेड़ा। एसडीएम एसडी मीणा ने बताया कि एक ढाबे मालिक ने भू-रूपांतरण होने के कागजात पेश किए हैं। उसे सात दिन में कागजी कार्रवाई पूरी करने और व्यावसायिक गतिविधियां नहीं करने के लिए पाबंद किया। डीएसपी नरपतसिंह राठौड़, तहसीलदार अनूप सिंह, वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक
पीके उपाध्याय, एसीएफ जोध राजसिंह हाड़ा, डीसीएफ सुधीर कुमार सहित आसपास के थानों का लवाजमा मौजूद था।
दरा गांव में नेशनल हाइवे के किनारे वन विभाग की जमीन पर लगे पांच ढाबों को प्रशासन ने बुधवार को हटा दिया।
कार्रवाई के दौरान हुए पथराव और राजकार्य में बाधा पहुंचाने पर मोड़क थाने में मामला दर्ज किया गया है। पांच नामजद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
-रघुनाथसिंह,थानाधिकारीमोड़क