कोटा। प्रेमनगर अर्फाेडेबल आवासीय योजना की जलापूर्ति का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। योजना के सी-ब्लॉक में पीने के पानी में जिंदा कीड़े निकल रहे हैं। उस पानी को लोग आज भी पी रहे हैं। पहले तो यूआईटी ने इसे एक उपभोक्ता का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन शाम तक लीकेज को सही करा दिया। इस समस्या से 50 से अधिक परिवार पीड़ित हैं। वे पानी को उबालने के बाद छानकर पीने में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बावजूद इस पानी के इस्तेमाल से बालों का झड़ना, चर्मरोग, पाचन शक्ति में खराबी जैसी बीमारी लोगों को हो रही है।
दहशत में है परिवार
मंगलवार को भास्कर टीम ने समस्या को मौके पर जाकर देखा। लोगों ने पानी के डिब्बे में पानी भर रखा था और उसमें कीड़े तैर रहे थे। नजारा दंग करने वाला था। जो लोग इस पानी को पी रहे हैं, वह दहशत में है। मुनीम पल्लेदार आवासीय योजना के अध्यक्ष लीलाधर मेहता का कहना है कि इस गंभीर समस्या को झेलते हुए करीब दो माह हो गया है। यूआईटी के अधिकारियों को कई बार इस बारे में अवगत करा दिया गया है। अब लोग खुद के स्वास्थ्य का ध्यान रखते पानी उबालकर पी रहे हैं।
ऐसे पैदा हुई समस्या
मुनीम पल्लेदार आवासीय योजना के सचिव दयाराम नागर सैनी व सुंदरलाल मालव का कहना है कि दो माह पूर्व यूआईटी की ओर सी-519 मकान के आसपास सड़क का पैचवर्क कराया था। उस दौरान रोलर से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिसे वापस यूआईटी ने देखने की कोशिश तक नहीं की।
लीकेज ठीक करा दिया है
'सी-ब्लॉक के मकान नंबर 519 का नल कनेक्शन लीकेज है। जिसे ठीक करा दिया गया है।' -सुनील शर्मा, एक्सईएन, यूआईटी