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कम डिलीवरी होने पर गायनी डॉक्टरों को फटकारा

7 वर्ष पहले
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कोटा| एनआरएचएमके अतिरिक्त मिशन डॉयरेक्टर नीरज के पवन ने मंगलवार को रामपुरा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में डिलीवरी की संख्या कम होने पर उन्होंने गायनी के डाक्टरों को फटकार लगाई अौर निर्देश दिए कि डिलीवरी की संख्या बढ़ाई जाए।

पवन ने अस्पताल में बने गायनी वार्ड, लेबर रूम, बच्चों के वार्ड और ओटी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि रोगियों का रजिस्ट्रेशन कहां हो रहा है। किस तरह रोगियों को दवा मिल रही है। कौनसा डॉक्टर कहां बैठा है। उन्होंने जब गायनी के डॉक्टरों से प्रतिदिन की डिलीवरी के बारे में पूछताछ की तो यह बात सामने आई कि प्रतिदिन लगभग दो डिलीवरी का एवरेज है। सिजेरियन भी कम हो रहे हैं। इस पर पवन ने कहा कि यह संख्या काफी है। जो प्रसूता यहां आएं उनकी यहीं डिलीवरी हो, जेके लोन रेफर नहीं किया जाए।

उन्होंने इस मौके पर गायनी की डॉक्टरों से कहा कि बारां जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 25 डिलीवरी हो रही हैं। हाईरिस्क केस के बारे में उन्होंने निर्देश दिए कि उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। अस्पताल में गायनी का कामकाज डॉ. अनिता बाला सक्सेना, डॉ. भावना गुप्ता और डॉ. सोनल देख रही हैं। बाद में पवन पीडियाट्रिक्स विभाग में पहुंचे और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

अस्पताल निरीक्षण के दौरान निर्देश देते एनआरएचएम के अतिरिक्त मिशन डॉयरेक्टर।