मॉनिटरिंग शुरू हुई तो मचा हड़कंप
कोटा| सरकारआपके द्वार आने लगी तो सफाई में ईमानदारी दिखने लगी। जैसे ही दूसरे विभाग के अधिकारियों को मॉनिटरिंग के लिए फील्ड में भेजा तो ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। जो ठेकेदार आधी-अधूरी लेबर लगाकर कागजों में पूरी सफाई कर रहे थे वे अब संख्या पूरी करने के लिए इधर-उधर से जोड़ तोड़कर सफाईकर्मी लगा रहे हैं। नगर निगम से लेकर सेक्टर कार्यालय तक सोमवार को इस बात को लेकर जबरदस्त गहमागहमी रही। निगम ने करीब 1800 सफाई कर्मचारी ठेके पर लगा रहे हैं, लेकिन हमेशा यही शिकायत मिलती है कि ठेकेदार पार्षद मिलकर पूरी लेबर नहीं लगाते है। इस बात को लेकर जनता और खुद वाल्मीकि समाज कई बार आपत्ति जता चुका है। हर बार सफाई नहीं होने के पीछे यही कारण सामने आते हैं, उसके बावजूद कभी निगम के अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत मॉनिटरिंग शुरू होते ही एक ही दिन में ईमानदारी से सफाई होने लग गई।