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अब कमरों में नहीं, खुले काउंटरों पर होगा काम
भामाशाहकृषि उपज मंडी समिति कार्यालय का कायाकल्प शुरू हो गया है। अब वहां का सरकारी कामकाज कमरों की जगह खुले काउंटरों पर होगा। साथ ही कंप्यूटरों पर हर व्यापारी और आढ़तिया का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे मंडी के आढ़तियों किसानों को भी अलग-अलग कमरों में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
मंडी समिति के सचिव एमएल जाटव ने बताया कि फिलहाल एक हॉल में तीन काउंटर बनवाए जा रहे हैं। इन काउंटरों पर तीन कंप्यूटर लगेंगे। जिन पर मंडी समिति की हर कार्य की जानकारी उपलब्ध रहेगी। यह पूरा एसी हॉल होगा। जिसमें आने वालों और काम करने वालों को एक अच्छा अनुकूल माहौल मिलेगा। कार्यालय के आधुनिकीकरण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सभी तरह के फॉर्म और लाइसेंस संबंधी जानकारी भी कंप्यूटर पर उपलब्ध रहेगी। कार्यालय के कायापलट के लिए फिलहाल एक लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। हाल की राज्य कृषि विपणन विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट पर भी सभी मंडियों की जानकारी उपलब्ध है। मंडी समिति सचिव जाटव ने बताया कि किसान भवन की दुकानें किराए पर नहीं दी जा रही हैं। फिलहाल किसानों के ठहरने की लिए ही किसान भवन में कमरे और डोरमेट्री उपलब्ध रहेंगे।
किसानभवन की भी मरम्मत
कृषिविपणन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि छह साल पहले वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में भामाशाह मंडी के किसान भवन की मरम्मत के लिए पहली बार छह लाख रुपए राज्य सरकार से मंजूर हुए हैं। इस साल बारिश में छत पर पानी भरने से कमरों में अंदर तक सीलन गई थी। इस तीन मंजिले किसान भवन की मरम्मत और रंगरोगन तो कराया ही जा रहा है। साथ ही लंबे समय से बंद लिफ्ट भी इस बार चालू हो जाएगी।
भामाशाह कृषि उपज अनाज मंडी में नए काउंटर बनाए जा रहे हैं। जिससे किसानों को सहूलियत मिलेगी।