अब श्मशान जैसा भवन बनाएंगे कर्मयोगी
कोटा| गरीबों,असहाय और निर्धनों के परिजनों अनजान शवों का अंतिम संस्कार करवाने वाली कर्मयोगी पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट का मुख्यालय भवन अनोखा होगा। गत 12 दिसंबर को अनोखा विवाह कर चर्चा में रहे राजाराम कर्मयोगी ने फिर से 12 दिसंबर शुक्रवार को ही भवन का नक्शा जारी किया। 12 हजार वर्गफीट पर बनने वाला यह भवन भी श्मशान के रूप में बनेगा। इसमें देहदान के प्रति जनता को प्रेरित करने के लिए प्रेरणा स्मारक मुख्य रूप से निर्मित किया जाएगा।
संस्था के राजाराम कर्मयोगी अलका दुलारी ने बताया कि ट्रस्ट के मुख्य भवन के बाहर स्वागत द्वार बनाया जाएगा। जिसमें चार व्यक्ति, एक व्यक्ति की अर्थी को कंधा लगाते नजर आएंगे। वहीं भवन को बाहर से देखने पर श्मशान के जैसा स्वरूप नजर आएगा। भवन के अंदर ट्रस्ट का मुख्य कार्यालय होगा, जिसे चिता के रूप में बनाया जाएगा। इसके अंदर 12 गुणा 12 वर्गफीट के बारह स्थान होंगे। कार्यालय के अलावा छह कमरे और चोक गैलेरी आदि भी 12 गुणा 12 के ही होंगे ट्रस्ट की गतिविधियां इसी स्थान से संचालित होंगी, जिनका संचालन निर्धारित सदस्यों के द्वारा किया जाएगा। जनसहयोग से निर्मित किए जाने वाले इस भवन की आधारशिला वर्ष 2015 में रखी जाएगी। फिलहाल इसके लिए भूमि तलाश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट गत कई वर्षों से लावारिस शवों के अंतिम संस्कार का कार्य करता रहा है। एम्बुलेंस और गरीबों के अंतिम संस्कार का कार्य इस भवन से ही संचालित होगा। कर्मयोगी ने बताया कि भवन में ‘‘देहदान प्रेरणा स्मारक’’ का निर्माण भी कराया जाएगा। जिसमें देहदान करने वालों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। वहीं देहदान के प्रति लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। जिसके माध्यम से लोगों की भ्रांतियों को दूर किया जाएगा।
ऐसा होगा कर्मयोगी पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट का मुख्यालय भवन।