- Hindi News
- ओडिसी की भाव भंगिमाओं से दिखाया मां दुर्गा का रौद्र रूप
ओडिसी की भाव भंगिमाओं से दिखाया मां दुर्गा का रौद्र रूप
मांदुर्गा के रौद्र रूप को जब ओडिसी नृत्यांगना अरुणा मोहंती ने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया तो दर्शक हैरान रह गए। इसी प्रकार भूमि सीता की प्रस्तुति के दौरान सीता के भूमि में समाने के दृश्य को मोहंती ने नृत्य के माध्यम से जीवंत कर डाला। मौका था स्पिक मैके की विरासत शृंखला की ओर से मां भारती पीजी गर्ल्स कॉलेज और राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम का।
शुरुआत में मोहंती ने ओडिसी नृत्य के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि नृत्य भी मंदिरों की बसावट से प्रभावित है। मंदिरों की बनावट की तरह से नृत्य के स्टेप्स चंद्राकार और अर्द्धचंद्रकार होते हैं। दो भंगिमाओं की जानकारी देते हुए बताया कि चॉक भगवान जगन्नाथ की विराजित स्थिति और त्रिभंग भगवान कृष्ण की बांसुरी वादन की स्थिति से प्रभावित है। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करते हुए नृत्य की बारीकियां भी सिखाई। स्पिक मैके के नेशनल एडवाइजर अशोक जैन ने बताया कि माेहंती मंगलवार सुबह 11 बजे बसंत विहार स्थित अकलंक कॉलेज में प्रस्तुति देंगी।
सोमवार को मां भारती पीजी कॉलेज में स्पिक मैके की विरासत शृंखला के तहत ओडिसी नृत्यांगना अरुणा मोहंती ने अपनी प्रस्तुति दी।