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बिजली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी पर इंजीनियर नहीं

7 वर्ष पहले
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उत्पादननिगम सरकार प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढ़ाने पर पूरा ध्यान दे रहा है, लेकिन इसके लिए काम करने वाले इंजीनियरों की भर्ती पर कोई ध्यान नहीं है। स्थिति यह है कि वर्ष 2015 तक प्रदेश में 2170 मेगावाट बिजली का उत्पादन बढ़ जाएगा, लेकिन इंजीनियर नहीं बढ़ेंगे। इसे उत्पादन निगम के वरिष्ठ इंजीनियर भी स्वीकार कर रहे हैं।

वर्ष 2011 से 2015 के बीच प्रदेश में 2170 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ाने पर काम हो रहा है। इसमें छबड़ा पावर प्लांट से 750, रामगढ़ से 160, कालीसिंध से 600, सूरतगढ़ से 660 मेगावाट का उत्पादन बढ़ जाएगा। हालांकि सरकार इंजीनियर बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं है। उत्पादन निगम के सूत्रों ने बताया कि 2170 मेगावाट बिजली उत्पादन के अनुसार लगभग 750 इंजीनियर चाहिए, जबकि इनके लिए मात्र 72 इंजीनियर की भरती की गई है, जाे काफी कम है। उत्पादन निगम में स्वीकृत इंजीनियर के पद 2407 हैं, जबकि काम कर रहे हैं 1650। इस प्रकार 828 इंजीनियर पहले ही कम है। सूत्रों ने कहा कि उत्पादन निगम में एक्सईएन इससे उपर के अधिकारी तो हैं, लेकिन एईएन जेईएन के पद खाली पड़े हैं। स्थिति यह है कि एक्सईएन को भी एईएन का काम करना पड़ता है।

इंजीनियरों की कमी तो है

^उत्पादननिगम में इंजीनियरों की कमी तो काफी समय से चल रही है। नई भरती नहीं होना भी इसके पीछे कारण रहा है। इस कमी को भरने की जिम्मेदारी मुख्यालय की है। उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत करवा दिया है।

-एएसमाथुर, चीफइंजीनियर थर्मल कोटा