प्यार से ही आती है जीवन में खुशहाली
कोटा। सुंदरभावनाएं सुंदर व्यवहार प्यार, विनम्रता, विशालता, मानवता लाभ पहुंचाते हैं और नफरत, अभिमान, संकीर्णता, दानवता, नुकसान पहुंचाते हैं। महापुरुष प्रेरणा देते हैं कि इंसान जागरूक हो और सुंदर भावनाओं से युक्त होकर विचरण करें। यह बातें गुमानपुरा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में संत मनोहर लाल ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि संतों ने प्यार का केवल जिक्र नहीं किया बल्कि प्यार भरा व्यवहार भी किया है। संतजी ने कहा कि प्रेम से ही संसार सजता और संवरता है। प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत वीरान करती है। नफरत और घृणा से कभी किसी का भला नहीं हुआ लेकिन प्यार ही है जो जीवन में खुशहाली लाता है। वर्तमान में विशेष आवश्यकता है कि हर इंसान-इंसान से प्यार करें। माया में रहे पर माया में लिप्त ना रहे। जो कुछ भी ईश्वर ने सुख साधन दिये है इसका सदुपयोग करें। दुरुपयोग ना करें।