कोटा. तीन बड़ी क्रेनों, 5 ट्राॅलों और एक जेसीबी की मदद से 12 घंटे की मशक्कत के बाद दादाबाड़ी के नसियांजी मंदिर में बुधवार को णमोकार मंत्र जयकारों के साथ प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की प्रतिमा स्थापित की गई।
मंदिर में सुबह 10 बजे से ही हजारों श्रद्धालु गए और आदिनाथ की प्रतिमा के समक्ष श्रीफल भेंट कर मस्तक पर केसर द्वारा तिलक दान किया। प्रतिमा के वक्ष स्थल पर स्वस्तिक बनाकर भक्ति की भावना प्रकट की। सुबह 11.30 बजे क्रेन की मदद से करीब 11.30 बजे मंदिर के प्रथम तल पर 15 टन वजनी 3 फीट ऊंचाई वाले कमलासन को स्थापित किया। मंदिर परिसर णमोकार मंत्र जयकारों से गूंज उठा।
इसके बाद भगवान आदिनाथ की 17 फीट ऊंची 35 टन वजनी प्रतिमा स्थापित करने के लिए दो क्रेन, 5 ट्राॅले और एक जेसीबी मंगवाई गई। इन सभी के आने के बाद शाम 5 बजे भगवान आदिनाथ की प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। क्रेनों की मदद से देर रात को कमलासन पर भगवान की प्रतिमा स्थापित कर दी गई।
बुधवार को सुबह से ही प्रतिमा को स्थापित करने के प्रयास शुरू हुए, जिसके बाद देर रात को प्रतिमा स्थापित हो पाई। इस दौरान श्रद्धालु पूरी प्रक्रिया को
मोबाइल में कैद करते नजर आए।