कोटा. राजीव गांधी नगर में यूआईटी के महंगे भूखंडों पर लगी थड़ियां और अवैध कब्जों को बुधवार को कुछ देर में ही हटा दिया गया। अचानक हुई कार्रवाई का कारण था यूआईटी की प्लॉट नीलामी। करीब 5 करोड़ कीमत वाली जमीन पर स्थित प्लॉटों को बेचने में ये अतिक्रमण रोड़ा बने हुए थे।
इतना ही नहीं, जो अतिक्रमण जमीन के इधर-उधर थे, उन्हें अब भी छोड़ दिया गया। यूआईटी के जाब्ते ने यहां लगी करीब 20 से अधिक थड़ियों को तोड़ा। जाब्ते ने श्रीनाथपुरम में एक धार्मिक स्थल और टापरी को हटाया। इसके विरोध में कुछ लोगों ने रावतभाटा रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समझाकर मामला शांत करवाया। जाब्ते ने केशवपुरा-बालाकुंड में भी कुछ अतिक्रमण को हटाया। फिर, विरोध होने पर जाब्ता लौट आया।
राजीव गांधी नगर से बुधवार को जिन थड़ियों का अतिक्रमण हटाया गया, उनमें से ज्यादातर तो दूध की डेयरियों के नाम से चल रहे थे, ऐसी ढेरों थड़ियां अब भी लगी हैं।
राजीव गांधी नगर में कोचिंग और हॉस्टलों की बड़ी-बड़ी इमारतें हैं। पूरे व्यावसायिक क्षेत्र में कोचिंग स्टूडेंट्स की भारी संख्या से कमाई देखते हुए थड़ियों का पूरा बाजार चल रहा था।