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कोहरे तेज सर्दी से पटरी टूटने के रोज मामले

7 वर्ष पहले
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कोहरेतेज ठंड के कारण कोटा मंडल में हर रोज रेल पटरी में दरार वैल्डिंग टूटने के दो मामले सामने रहे हैं। नवंबर में इस तरह के 27 तथा दिसंबर के 8 दिन में 16 मामले सामने चुके हैं। रेल पटरी में दरार वैल्डिंग टूटने से हादसे की आशंका बनी रहती है।

कोटा रेल मंडल मथुरा से नागदा तथा कोटा से रुठियाई, कोटा-चित्तौडगढ़ खंड के लगभग 850 किमी से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। इनमें से सबसे ज्यादा ट्रेन दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर चलती हैं। इस रेलमार्ग पर ट्रेनों की गति भी अधिक रहती है। कोहरे सर्दी में ट्रेनों का परिचालन लोको पायलेट के लिए रिस्की काम होता है। क्योंकि इस सीजन में रेल पटरी सिकुड़ती है। तेज ठंड के कारण पटरी में दरार हो सकती है तथा वैल्डिंग फेल्योर भी होते हैं। भरतपुर से गंगापुरसिटी के बीच इस तरह के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं।

ऐसेलगता है पता

{रेलपटरीमें दरार आने वैल्डिंग टूटने का पता लोको पायलट को लग जाता है, दरार से जब इंजन गुजरता है तो झटका लगता है।

{पेट्रोलमैनगश्त करते हैं, इन्हें प्रत्येक किमी पर गश्त करनी होती है, दरार दिखते ही वे निकट के स्टेशन मास्टर को सूचना दे देते हैं। इसके बाद रेल पटरी की मरम्मत का शुरू किया जाता है।