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वेतन से खर्च कर बच्चों को दे रहे निशुल्क शिक्षा
सरकारीस्कूलों में पढ़ाने के दौरान बच्चों का शैक्षणिक सामाजिक स्तर देखकर सरकारी शिक्षक दंपती ओमप्रकाश सीमा मेघवाल ने इसे एक बीमारी मानते हुए उपचार का संकल्प लिया। इसी संकल्प से जन्म हुआ अपनी पाठशाला का।
सामान्य भाषा में बोले तो ये ट्यूशन क्लास है, लेकिन इसका उद्देश्य इसके नाम के साथ ही स्पष्ट है- \\\"अपनी पाठशाला: निशुल्क निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान।\\\' यहां कमजोर बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाता है। ओमप्रकाश मेघवाल खुद कैथून के निकट जाखोड़ा राजकीय स्कूल में टीचर हैं। उन्होंने बच्चों के गिरते शैक्षणिक स्तर को देखा तो पता चला कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के घर पर कोई मॉनिटरिंग नहीं होती। खुद माता-पिता दिनभर परिवार को पालने की जुगत में जुटे रहते हैं। ऐसे में उन्होंने गांवड़ी कच्ची बस्ती के बच्चों के मन में यह आत्मविश्वास जगाया कि वो भी प्राइवेट स्कूलों के बच्चों की तरह अच्छा पढ़ सकते हैं, अच्छे नंबर ला सकते हैं। इसके लिए उन्हें ट्यूशन देने के लिए अपनी पाठशाला नाम से क्लास शुरू की। पाठशाला में कक्षा 6 से 12वीं तक के 120 बच्चे हैं। जिन्हें मैथ्स, साइंस, संस्कृत हिन्दी पढ़ाने के लिए टीचर रखे हुए हैं। इंग्लिश खुद ओमप्रकाश पढ़ाते हैं। इन शिक्षकों को 9 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। रोजाना कक्षा शाम को 5 से 8 बजे तक चलती है।
गांवड़ी में कच्ची बस्ती के बच्चों को शिक्षक दंपती पढ़ाते हैं।