पहले हर कोई बचता रहा, अब जमीन सही नहीं लगी
ट्रेचिंग ग्राउंड शिफ्ट हो तो वन्यजीव मुक्त हों नारकीय जीवन से
कोटा. अभेड़ा में बन रहे बायोलॉजिकल पार्क में रोड़ा बने ट्रेचिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने के लिए शुक्रवार को दिन में सभी विभागों में सहमति बन गई और रानपुर में जगह फाइनल कर दी गई। लेकिन, जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो यह देख चौंक गए कि यह जमीन तो ट्रिपल आईटी के पास है। अब 26 साल से अटके बायोलॉजिकल पार्क का मामला फिर जीरो पर गया है।
1988 में योजना बनने के बाद जनवरी-2013 में पार्क की चारदीवारी के लिए 80 लाख का बजट मिला और काम शुरू हुआ। लेकिन, अतिक्रमण के कारण यह भी अधूरी रह गई। इस बीच सेंट्रल जू अथॉरिटी ने पार्क के बगल में ट्रेचिंग ग्राउंड होने के कारण आपत्ति जता दी। जू के जानवरों के लिए इसे घातक मानते हुए यहां से स्थानांतरित करने की मांग की गई।
वन विभाग की मांग पर कलेक्टर ने एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बना दी। कमेटी अभी तक ट्रेंचिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने के बारे में कोई फैसला नहीं कर पाई। एडीएम कल्पना अग्रवाल के समय भी इस बारे में बैठक हुई, लेकिन निदान नहीं निकला। अब मौजूदा एडीएम सुनीता डागा ने इसके लिए प्रयास किए हैं।